
गांधी नगर के मुलतानी मोहल्ले में रहने वाला एक शख्स अपने 14 साल से ज्यादा के कोरोना संक्रमित बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने को लेकर निजी और सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटने पर मजबूर है. परिवार वालों का आरोप है कि सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पताल बच्चे को भर्ती करने से मना कर रहे हैं. वह शख्स सोमवार रात 9 बजे से 28 तारीख के दोपहर 12 बजे तक राम मनोहर लोहिया अस्पताल से लेकर एलएनजेपी अस्पताल के चक्कर लगा रहा है.
बच्चे की मौसी ने रोते हुए बताया कि 27 तारीख को 14 साल के बच्चे का टेस्ट कोरोना पॉजिटिव आया. तभी से एंबुलेंस में वो सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पताल तक के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन 14 साल उम्र होने की वजह से कोई अस्पताल भर्ती नहीं कर रहा है.
संक्रमित बच्चे की मौसी ने बताया कि 27 अप्रैल की रात को बच्चे के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिली थी. उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए घर में नहीं रखा जा सकता था. हमने कई निजी अस्पतालों में बात की लेकिन उन्होंने भर्ती करने से मना कर दिया. मैक्स साकेत ने कहा कि वह 18 साल से ऊपर के मरीजों को भर्ती करता है और उनके पास बेड नहीं है. इसके बाद हम उसे राम मनोहर लोहिया और फिर एलएनजेपी अस्पताल ले गए. दोनों ने भर्ती करने से मना कर दिया.
उन्होंने एक वीडियो में कहा, "हमारा बच्चा कई घंटों से रो रहा है और कह रहा है कि वह मारना नहीं चाहता है. वह मुझसे फोन पर कह रहा है कि "मौसी मुझे बचा लो, मुझे नहीं मरना." उन्होंने बताया कि हमने कोविड-19 हेल्पलाइन पर फोन किया था लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया." महिला ने बताया कि उन्होंने पुलिस को भी फोन किया था.
बच्चे की मौसी ने कहा, "हम बहुत असहाय महसूस कर रहे हैं. मैं हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से अपील करना चाहती हूं कि वो हमारे बच्चे की मदद करें और उसे अस्पताल में भर्ती करवा दें. उसके माता-पिता को भी उसके साथ क्वारैंटाइन कर दें." महिला ने वीडियो में मदद की अपील की है. साथ ही अपना नंबर भी साझा किया है- 9643165991, 9810371933, 9811868554.
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