कोरोना वैक्सीन पर बड़ा ऐलान, 'कोवैक्सीन' और 'कोविशील्ड' के आपात इस्तेमाल को हरी झंडी; 10 अहम बातें

कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से लड़ने के लिए कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) का इंतजार अब खत्म हो गया है.

कोरोना वैक्सीन पर बड़ा ऐलान, 'कोवैक्सीन' और 'कोविशील्ड' के आपात इस्तेमाल को हरी झंडी; 10 अहम बातें

COVID-19 vaccine News: वैक्सीन पर DCGI का बड़ा ऐलान (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से लड़ने के लिए कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) का इंतजार अब खत्म हो गया है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल पर अंतिम मंजूरी दे दी है. इससे पहले सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ और सीरम इंस्टीट्यूट की 'कोविशील्ड' को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की सिफारिश भारत के औषधि नियामक से की थी. डीसीजीआई की ओर से मंजूरी मिलने के बाद वैक्सीन के उपयोग का रास्ता साफ हो गया है.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. कोरोना वैकसीन के मोर्चे पर आज बड़ा ऐलान किया गया. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की विशेषज्ञ समिति की सिफारिश को मंजूरी दे दी है. कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवैक्सीन-(Covaxin)' और कोविशील्ड के आपात इस्तेमाल के लिए अनुमति देने की सिफारिश को शनिवार को मंजूर कर लिया गया है. 

  2.  ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया वी.जी. सोमानी ने कहा कि दोनों कंपनियों ने ट्रायल रन के आंकड़े जमा कर दिए हैं और दोनों को "सीमित उपयोग" के लिए मंजूरी दी जाती है. 

  3. कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बधाई देते हुए कहा कि सीरम इंस्टीटयूट और भारत बायोटेक की वैक्सीन को DCGI की मंजूरी मिलने के बाद कोरोना मुक्त राष्ट्र होने का रास्ता साफ हो गया है.

  4. भारत बायोटेक की वैक्सीन Covaxin को ' क्लिनिकल ट्रायल मोड ' में इमरजेंसी हालात में बहुत सावधानी के साथ इस्तेमाल की मंजूरी मिली है. इसका मतलब ये वैक्सीन लगाते वक्त वही सारे प्रोटोकॉल फॉलो होंगे जो क्लीनिकल ट्रायल करते वक्त होते हैं. 

  5. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि कि सीडीएससीओ की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) ने भारत में कोविशील्ड के सीमित आपातकालीन उपयोग के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को अनुमति देने की सिफारिश की थी, जो कई नियामक शर्तों के अधीन है.एक्सपर्ट कमेटी ने एक और दो जनवरी को बैठक की और भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) को मंजूरी पर विचार करने और इस पर अंतिम निर्णय के लिए सिफारिशें भेजी हैं. 

  6. कोवैक्सीन (Covaxin) को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर भारत बायोटेक द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है. पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन COVISHIELD के उत्पादन के लिए एस्ट्रेजेनेका के साथ करार किया है. SII दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी है.

  7. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत संभवत: दुनिया में पहला ऐसा देश है जहां चार टीकों पर काम चल रहा हैं. कुछ धार्मिक हस्तियों द्वारा टीके पर संदेह जताए जाने के बारे में पूछे जाने पर, जावड़ेकर ने कहा कि "हमारा टीका प्रभावी है" और बाकी दुनिया भी इसका उपयोग कर रही है. उन्होंने कहा कि कई परीक्षणों के बाद टीके तैयार होते हैं और यह पूरी तरह से सुरक्षित है. 

  8. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने लोगों से कोविड-19 के टीके के सुरक्षित होने और इसकी प्रभाव क्षमता के बारे में ‘‘अफवाहों'' और भ्रामक सूचना अभियानों को लेकर गुमराह नहीं होने की शनिवार को अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि इसे मंजूरी देने से पहले किसी भी प्रोटोकॉल के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. हर्षवर्धन ने कहा कि टीकाकरण के प्रथम चरण में सर्वाधिक प्राथमिकता वाले लोगों को नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराया जाएगा, जिनमें एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम मोर्चे के दो करोड़ कर्मी शामिल हैं. 

  9. एक सूत्र ने बताया कि सीडीएससीओ की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने अतिरिक्त डाटा, तथ्य और विश्लेषण सौंपे जाने के बाद हैदराबाद स्थित फ़ार्मास्युटिकल फर्म के टीके के आपातकालीन उपयोग संबंधी आवेदन पर शनिवार को फिर से विचार-विमर्श किया. 

  10. भारत बायोटेक ने सात दिसंबर को स्वदेश में विकसित कोवैक्सीन टीके की मंजूरी के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) के समक्ष अर्जी दाखिल की थी. एसईसी ने शनिवार को भारत बायोटेक के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण (EUA) के आवेदन पर फिर से विचार किया. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, "समिति ने एक व्यापक एहतियात के रूप में सार्वजनिक हित में आपातकालीन स्थिति में इसके सीमित उपयोग के लिए भारत बायोटेक को अनुमति देने की सिफारिश की." एसईसी ने शुक्रवार को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोरोना वायरस रोधी टीके ‘कोविशील्ड' के भारत में आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की सिफारिश की थी. 

(भाषा के इनपुट के साथ)