हरियाणा में रविवार को शुरू हुआ 100 बेड का कोविड हॉस्पिटल लेकिन भर्ती नहीं किए जा रहे मरीज

कोविड अस्पताल तैयार होने की खबर और फोटो देखकर गुरुग्राम पहुंचे कई मरीज बैरंग वापस लौट चुके हैं.

नई दिल्ली:

कोरोना की इस आपदा में हरियाणा से लेकर उत्‍तर प्रदेश तक में कैसे जमीनी हालात बदलने पर कम पर हेडलाइन छपवाने पर ज्यादा काम होता दिख रहा है. गुरुग्राम में रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अस्थाई कोविड अस्पताल का उदघाटन कर दिया लेकिन मरीज अभी तक भर्ती नहीं हो रहे हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने देवीलाल स्टेडियम में बने अस्थाई कोविड अस्पताल का फीता काटकर उदघाटन किया.कई अखबारों में एड और सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के अस्पताल उद्घाटन की खबरें और फोटो छाई रहीं, लेकिन रविवार को हुए अस्पताल के उद्घाटन के दो दिन बाद यानी मंगलवार को NDTV की टीम जब यहां पहुंची तो कोविड अस्पताल के बाद उद्घाटन का बड़ा बैनर तो दिखा लेकिन मरीज एक भी नहीं मिला. अस्पताल में चल रहे काम का शोर और तेजी से काम कर रहे मजदूर ही नजर आए.


कोविड अस्पताल तैयार होने की खबर और फोटो देखकर यहां पहुंचे कई मरीज बैरंग वापस लौट चुके हैं. गुरुग्राम के समाजसेवी अभय जैन कहते हैं, 'एक पेशेंट की हालत नाजुक हो गई यहां ये सूचना मिली कि 100 बेड के इस अस्पताल में 80 आक्सीजन के बेड और 20 ICU हैं लेकिन जब यहां मरीज को भेजा गया तो कहा गया कि यहां भर्ती नहीं हो सकता. फिर हमने जिला अस्पताल भेजा वहां भी भर्ती नहीं हो सका. निजी अस्पताल में अभी उसका इलाज चल रहा है.

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कुछ यही कहानी यूपी के गौतमबुद्ध नगर के खंडेरा गांव की है. कुछ दिन पहले NDTV ने खंडैरा गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली की हालत और तस्वीर दिखाई गई थी. मंगलवार को सुबह ही इलाके के बीजेपी विधायक और प्रशासनिक अमला जेसीबी मशीन समेत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा. आनन फानन में 'विधायकजी' ने अस्पताल के ताले खुलवाए...गंदगी देखा और दो डाक्टरों को टेस्टिंग के लिए बैठा दिया गया...लेकिन क्या अस्पताल में सुविधा बढ़ेगी डाक्टरों की नियुक्ति होगी इस सवाल का विधायक जी के पास कोई जवाब नहीं था. कुल मिलाकर गांव में फैल रही कोरोना से निपटने की कोशिश खानापूर्ति से ज्यादा कुछ नहीं है. दादरी के बीजेपी विधायक तेजपाल नागर कहते हैं, 'देखिए यहां की गंदगी मैं अपने पैसे से जेसीबी से साफ करवाऊंगा. फिलहाल दो डॉक्टर है जो टेस्टिंग कर रहे हैं और कोरोना की किट देंगे. कोरोना के बाद मैं कमिश्नर से कहकर एक डॉक्टर की नियुक्ति करवाऊंगा.-कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने हमारे स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल कर रख दी है. लेकिन उसके बावजूद सरकारें अब भी ठोस कदम उठाने के बजाए प्रचार और फोटो पर ज्यादा जोर देती दिखाई पड़ रही है. (गुरुग्राम से शशिकांत ओर दादरी से अरविंद के इनपुट)