
फाइल फोटो।
नई दिल्ली:
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की शुक्रवार की एक टिप्पणी से पार्टी भौंचक रह गई। पार्टी ने इसे 'हालात में बदलाव' करार दिया और कहा कि राहुल की बातों को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सार्वजनिक आलोचना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
दागी जनप्रतिनिधियों का बचाव करने वाले विवादास्पद विधेयक पर राहुल गांधी की खुली आलोचना के बाद कांग्रेस के संचार प्रभाग के प्रमुख अजय माकन उनका बचाव करने को बाध्य हो गए।
माकन ने कहा, "राहुल हमारे नेता हैं। उनका रुख अब कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख है।" इससे पहले राहुल ने कहा था कि उनका निजी रुख है कि अध्यादेश को फाड़कर फेंक देना चाहिए।
राहुल की इस टिप्पणी के बाद संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए माकन ने कहा कि 'परिस्थिति विकसित हुई है। राहुल गांधी स्वतंत्र सोच वाले व्यक्ति हैं। यदि वह अध्यादेश का विरोध कर रहे हैं तो कांग्रेस भी इसका विरोध करती है।" उन्होंने इस बात से इनकार किया कि राहुल का बयान प्रधानमंत्री की सार्वजनिक तौर पर आलोचना है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार अब अध्यादेश को वापस लेगी, माकन ने कहा, "देखिए क्या होता है, मामला राष्ट्रपति के पास है।" उन्होंने कहा कि उपयुक्त समय पर उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा।
दागी जनप्रतिनिधियों का बचाव करने वाले विवादास्पद विधेयक पर राहुल गांधी की खुली आलोचना के बाद कांग्रेस के संचार प्रभाग के प्रमुख अजय माकन उनका बचाव करने को बाध्य हो गए।
माकन ने कहा, "राहुल हमारे नेता हैं। उनका रुख अब कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख है।" इससे पहले राहुल ने कहा था कि उनका निजी रुख है कि अध्यादेश को फाड़कर फेंक देना चाहिए।
राहुल की इस टिप्पणी के बाद संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए माकन ने कहा कि 'परिस्थिति विकसित हुई है। राहुल गांधी स्वतंत्र सोच वाले व्यक्ति हैं। यदि वह अध्यादेश का विरोध कर रहे हैं तो कांग्रेस भी इसका विरोध करती है।" उन्होंने इस बात से इनकार किया कि राहुल का बयान प्रधानमंत्री की सार्वजनिक तौर पर आलोचना है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार अब अध्यादेश को वापस लेगी, माकन ने कहा, "देखिए क्या होता है, मामला राष्ट्रपति के पास है।" उन्होंने कहा कि उपयुक्त समय पर उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा।
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