
चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में भारी पराजय के बाद कांग्रेस ने 17 जनवरी को दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की बैठक बुलाई है, जिसमें लोकसभा चुनावों की रणनीति तैयार की जाएगी, जिसमें अब कुछ माह का ही समय बचा है।
यह बैठक ऐसे समय में बुलाई जा रही है, जब कांग्रेस को नरेंद्र मोदी की उभार और यूपीए के सिकुड़ने से उपजे हालात का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस समिति की बैठक के बारे में पूछे जाने पर पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेद्वी ने कहा, बैठक दिल्ली में 17 जनवरी को होगी।
एआईसीसी की पिछली बैठक चिंतन शिविर के साथ इस साल जनवरी में जयपुर में हुई थी, जिसमें राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया था। एआईसीसी की बैठक की घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब एक दिन पहले द्रमुक नेता करुणानिधि ने अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने का ऐलान किया है। द्रमुक ने कुछ ही महीने पहले कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन से नाता तोड़ा था।
यूपीए गठबंधन के दूसरे सबसे बड़े घटक तृणमूल कांग्रेस ने खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के मुद्दे पर पिछले साल ही गठबंधन को अलविदा कह दिया था। इसके अलावा बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व वाला झारखंड विकास मोर्चा और एआईएमआईएम भी यूपीए से अलग हो चुका है। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनवों में मिली भारी पराजय के बाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इन चुनाव परिणामों पर गहरे आत्ममंथन किए जाने की बात की थी।
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