'ममता बनर्जी की सरकार में कम्युनिस्ट शासन का पुनर्जन्म हुआ' :बंगाल दौरे में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बंगाल पहले से जितना आगे था, अगर बीते दशकों में उसकी वो गति और बढ़ी होती, तो आज बंगाल कहां से कहां पहुंच गया होता.आज यहां जितने भी उद्योग-कारोबार है, जितना भी इंफ्रास्ट्रक्चर है, वो बदलाव चाहते हैं, आधुनिकता चाहते हैं।

'ममता बनर्जी की सरकार में कम्युनिस्ट शासन का पुनर्जन्म हुआ' :बंगाल दौरे में बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Bengal visit) ने रविवार को अपने पश्चिम बंगाल दौरे में राज्य की तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला. पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की राजनीति उसकी इस हालत की सबसे बड़ी वजह है. ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के शासन में कम्युनिज्म (साम्यवाद) का पुनर्जन्म हुआ है.  

पीएम मोदी ने कहा, ममता सरकार के पहले साल में ही ये साफ हो गया कि, बंगाल को जो मिला है वो परिवर्तन नहीं, लेफ्ट का पुनर्जन्म है, वो भी ब्याज समेत. लेफ्ट का पुनर्जन्म यानी, भ्रष्टाचार, अपराध और अपराधियों, हिंसा और लोकतंत्र पर हमलों का पुनर्जन्म. इससे बंगाल में गरीबी और बढ़ती चली गई.

प्रधानमंत्री ने कहा, बंगाल पहले से जितना आगे था, अगर बीते दशकों में उसकी वो गति और बढ़ी होती, तो आज बंगाल कहां से कहां पहुंच गया होता.आज यहां जितने भी उद्योग हैं, जितना भी कारोबार है, जितना भी इंफ्रास्ट्रक्चर है, वो बदलाव चाहते हैं, आधुनिकता चाहते हैं. लेकिन आप सोचिए, बीते 10 सालों में यहां की सरकार ने कितनी फैक्ट्रियों का शिलान्यास या उद्घाटन किया? उस बड़े स्टील प्लांट का क्या हुआ जो यहां की अराजक व्यवस्थाओं के कारण शुरु ही नहीं हो सका?

नंदीग्राम मे खून बहाने वाले तृणमूल में हो रहे शामिल
पश्चिम बंगाल की इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण है यहां की राजनीति. आजादी के बाद जब पश्चिम बंगाल के विकास को नई दिशा देने की जरूरत थी तब यहां विकास वाली राजनीति नहीं हो पाई. बंगाल तृणमूल कांग्रेस से ये पूछना चाहता है कि जिन पुलिस वालों ने नंदीग्राम में गोलियां चलाई थीं, जिन्होंने गरीबों का खून बहाया, आप उन्हीं को पार्टी में क्यों शामिल कर रहे हैं? बंगाल पूछना चाहता है कि क्या बंगाल का गरीब क्या केवल वोट लेने के लिए ही है?

नारों से नाराज हो जाती हैं दीदी
प्रधानमंत्री ने कहा, बंगाल में आप अपने अधिकारों की बात पूछेंगे तो दीदी नाराज हो जाती हैं. भारत माता की जय के नारे लगा दो, तो वो नाराज हो जाती हैं. लेकिन देश के खिलाफ बोलने वाले कितना भी जहर उगलें, दीदी को गुस्सा नहीं आता.

भारत को बदनाम करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश
अभी आपने देखा होगा कि इन दिनों भारत को बदनाम करने के लिए कैसे कैसे अंतरराष्ट्रीय साजिश हो रही हैं. भारत को बदनाम करने के लिए वो चाय से जुड़ी भारत की पहचान पर हमला करने की बात कह रहे हैं. टी वर्कर्स की कड़ी मेहनत पर हमला करने का षड्यंत्र किया जा रहा है.

चाय और योग को चोट पहुंचाने का षड़यंत्र
योग जैसी भारत की विरासत, जिसे महर्षि अरबिंदो और विवेकानंद जैसे महापुरुषों ने  दुनिया तक पहुंचाया, उस पर हमला किया जा रहा है. मां, माटी मानुष की बात करने वालों में आज भारत माता के लिए आवाज बुलंद करने की हिम्मत नहीं है. राजनीति का अपराधीकरण और भ्रष्टाचार का सरकारी करण बंगाल में कियाया है. प्रशासन और पुलिस का राजनीतिकरण भी साफ दिखता है. 

बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ, भ्रष्टाचार-अपराध कायम
मोदी ने कहा, बंगाल में पहले कांग्रेस ने शासन किया, भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा. फिर लेफ्ट का शासन लंबे समय तक रहा, उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार बढ़ाने के साथ विकास पर ही ब्रेक लगा दिया. 2011 में पूरे देश की नजरें बंगाल पर थीं. लेफ्ट की हिंसा और भ्रष्टाचार का जर्जर किला ढहने वाला था. ममता दीदी ने बंगाल से परिवर्तन का वादा किया था और जनता ने भरोसा भी किया, लेकिन बंगाल को ममता की जगह निर्ममता मिली.

केंद्र सरकार विकास पर दे रही ध्यान
पश्चिम बंगाल का विकास और यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है. कोलकाता में 8500 करोड़ रुपए की लागत से मेट्रो प्रोजेक्ट पर तेज़ी से काम चल रहा है। इस बार के बजट में केंद्र सरकार ने इस अभियान को और विस्तार दिया है.

बजट में चाय बागान से जुड़े वर्करों पर ध्यान
इस साल के बजट में चाय बगानों से जुड़े लाखों साथियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. इनके लिए 1,000 करोड़ रु के पैकेज की व्यवस्था की गई है. इस पैकेज का बहुत बड़ा लाभ पश्चिम बंगाल के चाय बगान से जुड़े साथियों को, विशेषतौर पर हमारी बहनों को मिलेगा.


पंजाब से बंगाल तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
सरकार हजारों करोड़ रुपये पश्चिम बंगाल में नेशनल हाईवे बनाने में खर्च करने वाली है. पश्चिम बंगाल को पंजाब से जोड़ने वाला पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बहुत जल्दी बनकर तैयार होने वाला है.खड़गपुर से विजयवाड़ा के लिए नए फ्रेट कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है. बंगाल में रेलवे पर भी पिछले साल की तुलना में 25% से ज्यादा खर्च किया जाएगा.

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