
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ गुरुवार को यूपी के संभल में हुई हिंसा मामले में सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क सहित 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. गुरुवार को भीड़ ने प्रदर्शन करते हुए एक बस को आग के हवाले कर दिया था, जबकि दूसरी में तोड़फोड़ की थी. अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गयीं और आग पर काबू करने का प्रयास किया. संभल के जिलाधिकारी अविनाश के सिंह ने बताया की संभल में कुछ लोगों ने दो बसों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. साथ ही पुलिस चौकी के बाहर पथराव भी किया गया. फिलहाल सम्भल में एक बार फिर इंटरनेट सेवा बन्द कर दी गई थी.
Sambhal: An FIR has been registered against 17 people including Samajwadi Party leaders, MP Shafiqur Rahman Barq and Feroz Khan in connection with violence on December 19. #CitizenshipAmendmentAct pic.twitter.com/GtaQ5jUpTP
— ANI UP (@ANINewsUP) December 20, 2019
इसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को पहुंचाए गए नुकसान का ‘‘बदला'' हिंसा में शामिल लोगों की संपत्ति को जब्त करके और उसकी नीलामी के जरिए लेगी. उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. संशोधित नागरिकता कानून के विरोध के नाम पर कांग्रेस, सपा और वाम दलों ने पूरे देश को आग में झोंक दिया है.' उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और संभल में नागरिकता कानून के विरोध में हुई हिंसा पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है, उन्हीं उपद्रवियों से इसकी वसूली की जाएगी. इनकी संपत्तियों को नीलाम करके वसूली की जाएगी.
बता दें, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ देश के कई शहरों में गुरुवार को निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन करते हुए छात्रों समेत हजारों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किये. इस दौरान कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में हिंसा हुई जिनमें तीन लोगों की मौत हो गयी. देशभर में सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया.
राष्ट्रीय राजधानी में इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन पर लगी रोक के बावजूद सड़कों पर उतरने के चलते सैकड़ों छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं. कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया, जिससे शहर में यातायात प्रभावित हुआ.
ज्यादातर स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और प्रदर्शनकारियों ने नये कानून पर अपना विरोध व्यक्त करने के लिए नारे लगाये. प्रदर्शनकारियों ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया.
VIDEO: उत्तर प्रदेश में जिसने हिंसा की उसकी प्रॉपर्टी होगी जब्त : योगी आदित्यनाथ
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