मुम्बई:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने से इनकार कर दिया है। इस पर मुम्बई के मीडिया संगठनों ने अपना रुख सख्त कर दिया है और 15 जून के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी है। मुम्बई प्रेस क्लब के अध्यक्ष गुरबीर सिंह ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के तहत क्रमिक भूख हड़ताल किया जाएगा और डे हत्या मामले की जांच मुम्बई पुलिस के बदले सीबीआई को सौंपने हेतु राज्य सरकार को निर्देश देने के लिए बम्बई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। सिंह ने कहा, "चव्हाण हालांकि मीडियाकर्मियों पर हमले की बढ़ रही घटनाओं के सम्बंध में कानून को सख्त करने के मुद्दे पर विचार कर रहे हैं। राज्य मंत्रिमंडल की अगली बैठक में एक मसौदा कानून पर चर्चा होगी और उसके बाद इस मामले में आगे के कदम उठाए जाएंगे।" सिंह ने 15 अन्य मीडियाकर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार अपराह्न् मुलाकात की। पत्रकारों ने इसके पहले डे की हत्या के विरोध में आजाद मैदान से मंत्रालय तक दो किलोमीटर का मार्च निकाला। समाचार पत्र 'मिड डे' के आपराधिक मामलों के सम्पादक डे की पिछले शनिवार को हत्या कर दी गई थी। मीडिया कर्मियों को अपने संक्षिप्त सम्बोधन में चव्हाण ने कहा, "मैंने पुलिस अधिकारियों के साथ कल रविवार और आज सोमवार दो बैठकें की है। मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हमने जांच में सफलता प्राप्त की है।" चव्हाण ने बाद में सीबीआई जांच और गृह मंत्री आरआर पाटील व मुम्बई पुलिस आयुक्त अरूप पटनायक के इस्तीफे की मीडिया कर्मियों की मांग खारिज कर दी। इसके पहले प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े 500 से अधिक पत्रकार प्रेस क्लब में जमा हुए और उसके बाद उन्होंने मंत्रालय तक मार्च निकाला। ज्ञात हो कि डे को मोटरसाइकिल सवार चार अज्ञात हमलावरों ने उस समय गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी, जब वह शनिवार अपराह्न् पवई स्थित अपने आवास के पास अपनी मोटरसाइकिल से जा रहे थे।