सेंट्रल विस्‍टा प्रोजेक्‍ट: निर्माण रोकने संबंधी अर्जी पर केंद्र का HC में हलफनामा, कहा-जुर्माने के साथ खारिज करें याचिका

केंद्र ने इस याचिका को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए कहा है कि यह परियोजना को रोकने का एक और प्रयास है. याचिका को जुर्माने के साथ खारिज करने की मांग की गई है

सेंट्रल विस्‍टा प्रोजेक्‍ट: निर्माण रोकने संबंधी अर्जी पर केंद्र का HC में हलफनामा, कहा-जुर्माने के साथ खारिज करें याचिका

सेंट्रल विस्टा परियोजना मामले में हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा (प्रतीकात्‍मक फोटो)

खास बातें

  • याचिका को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया
  • कहा,यह परियोजना को रोकने का एक और प्रयास
  • मामले में हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा
नई दिल्ली:

सेंट्रल विस्टा परियोजना का निर्माण रोकने संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफमाना दाखिल किया है. केंद्र ने इस याचिका को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए कहा है कि यह परियोजना को रोकने का एक और प्रयास है. याचिका को जुर्माने के साथ खारिज करने की मांग की गई है. हलफनामे में केंद्र ने कहा है कि याचिका में जहां काम रोकने की मांग की गई है वो सेंट्रल विस्टा परियोजना नहीं है बल्कि सेंट्रल  विस्टा एवेन्यू (राजपथ के दोनों ओर) है, जहां गणतंत्र दिवस समारोह होता है और पर्यटकों और आम लोग वहां आते हैं. कांट्रेक्ट के अनुसार, यह कार्य 10 नवंबर, 2021 तक पूरा किया जाना है. हलफनामे में यह भी कहा गया है कि परियोजना का उद्घाटन पीएम द्वारा नहीं किया गया था, जैसा कि याचिका में कहा गया है. इसकी गलत जानकारी शरारतपूर्ण ढंग से दी गई है. 19 अप्रैल को कर्फ्यू लगाए जाने से पहले साइट पर 400 कर्मचारी थे. ये तब से साइट पर हैं और पूरी तरह से अधिसूचना का अनुपालन कर रहे हैं. इस मामले पर हाईकोर्ट बुधवार सुनवाई करेगा. 

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हलफनामे के अनुसार, सराय काले खां से कार्यस्थल के लिए सामग्री और श्रमिकों के परिवहन के लिए अनुमति 19-30 अप्रैल को दी गई थी, अब ये लोग साइट पर ही रह रहे हैं. 250 श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर COVID अनुरूप सुविधा स्थापित की गई है जिन्होंने काम करने और काम जारी रखने की इच्छा व्यक्त की है. COVID प्रोटोकॉल के सख्त कार्यान्वयन के साथ-साथ, COVID प्रोटोकॉल (स्वच्छता, थर्मल स्क्रीनिंग, सामाजिक दूरी, मास्क) का पालन किया जा रहा है. साइट पर ही टेस्टिंग, आइसोलेशन और चिकित्सा सहायता के लिए अलग सुविधा है. यहां काम करने वाले लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा और उचित देखभाल की सुविधा उपलब्ध है जो अन्यथा चिकित्सा बुनियादी ढांचे  पर बोझ के कारण मुश्किल होती. कांट्रेक्टर ने सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया है, यह याचिका गलत है और झूठ पर आधारित है.


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याचिकाकर्ता ने तथ्यों को छिपाया है क्योंकि इन व्यवस्थाओं का विवरण सभी सार्वजनिक डोमेन में है.दिल्ली में 16 स्थानों पर निर्माण गतिविधियां और परियोजनाएं चल रही हैं और फिर भी याचिकाकर्ता ने केवल सेंट्रल विस्टा पर भी याचिका दाखिल की है. इससे उनका इरादा पता चलता है.