मेहुल चौकसी मामले में डोमिनिका में कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे केंद्र और सीबीआई

विदेश मंत्रालय ने अपने आवेदन में कहा कि मेहुल चोकसी अभी भी एक भारतीय नागरिक है और उसने अपना पासपोर्ट सरेंडर नहीं किया है

मेहुल चौकसी मामले में डोमिनिका में कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहे केंद्र और सीबीआई

डोमिनिका में मेहुल चौकसी (फाइल फोटो).

खास बातें

  • सीबीआई पीएनबी घोटले के मामले में डोमिनिका कोर्ट में जाएगी
  • विदेश मंत्रालय चौकसी की नागरिकता पर बहस करेगा
  • पूर्व सॉलिसिटर-जनरल हरीश साल्वे डोमिनिका हाईकोर्ट में पेश होंगे
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के मामले में डोमिनिका हाई कोर्ट में शामिल होने की मांग की है. सूत्रों ने आज यह जानकारी दी. सूत्रों ने कहा कि सीबीआई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाला मामले को लेकर जाएगी और विदेश मंत्रालय (MEA) चोकसी की नागरिकता की स्थिति पर बहस करेगा. सीबीआई ने 62 वर्षीय चोकसी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर कैरेबियाई देश की अदालत में एक 'अभिवाद' आवेदन दायर किया है.

सूत्रों का कहना है कि सीबीआई यह साबित करने के लिए हाईकोर्ट के समक्ष पीएनबी मामले का विवरण पेश करना चाहती है कि चौकसी एक भगोड़ा है. भारतीय अदालतों के समन अस्वीकारे जाने के बाद चोकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट पर जारी कियागया है. सीबीआई ने कहा है कि चोकसी, एक भगोड़ा है जो कि 13,500 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाला मामले में न्याय से बच रहा है.

भारत ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से डोमिनिका हाईकोर्ट में कार्यवाही में शामिल होने के लिए एक अलग आवेदन दायर किया है.

सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्रालय ने अपने आवेदन में कहा है कि चोकसी अभी भी एक भारतीय नागरिक है और उसने अपना पासपोर्ट सरेंडर नहीं किया है. उसने अपनी नागरिकता त्याग प्रक्रिया पूरी नहीं की है. डोमिनिकन प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने भी कुछ दिन पहले चोकसी को "भारतीय नागरिक" कहा था.

यदि सीबीआई और विदेश मंत्रालय की याचिकाओं को अनुमति दी जाती है, तो पूर्व सॉलिसिटर-जनरल हरीश साल्वे डोमिनिका हाईकोर्ट में सीबीआई और विदेश मंत्रालय दोनों का प्रतिनिधित्व करेंगे. हाईकोर्ट ने चोकसी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है और उसे डोमिनिका से हटाने के अपने आदेश को कार्यवाही पूरी होने तक के लिए बढ़ा दिया है.

मेहुल चोकसी 2018 में एंटीगुआ भाग गया था, क्योंकि पीएनबी मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की जांच गति पकड़ रही थी. उसे कथित तौर पर पिछले महीने डोमिनिका के रास्ते एंटीगुआ से क्यूबा भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया था. वह 25 मई को लापता हो गया था. उसे 27 मई को डोमिनिका में पकड़ा गया.


डोमिनिका में गिरफ्तारी के बाद एंटीगुआ ने कहा था कि मेहुल चोकसी को सीधे भारत को सौंप दिया जाना चाहिए.

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हालांकि चोकसी के वकील ने कहा है कि उनका मुवक्किल अब भारतीय नागरिक नहीं है और उसे केवल एंटीगुआ वापस भेजा जा सकता है, जहां वह पहले से ही अपनी नागरिकता और प्रत्यर्पण से संबंधित मामले लड़ रहा है. उनका भतीजा नीरव मोदी इस समय लंदन की जेल में है और भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है.