
नई दिल्ली:
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के तत्कालीन चीफ इंजीनियर यादव सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार तथा आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर मंगलवार को दो अलग-अलग मामले दर्ज किए।
जांच एजेंसी ने नोएडा में यावद सिंह के निवास एवं दफ्तर समेत 14 ठिकानों की तलाशी ली। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि पहला मामला यावद सिंह, उनकी पत्नी कुसुम लता, बेटी गरिमा भूषण और बेटे सन्नी यादव तथा राजेंद्र मिनोचा नामक एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया।
सू़त्रों के अनुसार आरोप है कि नवंबर, 2014 में आयकर विभाग को तलाशी के दौरान सिंह के कई परिसरों से विसंगतिपूर्ण कई दस्तावेज एवं आयकर रिटर्न कथित रूप से मिले थे।
सीबीआई प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा, 'आईटीआर और अन्य संबंधित दस्तावेजों को खंगालने से कथित रूप से खुलासा हुआ है कि 2009-2014 की अवधि के दौरान तत्कालीन चीफ इंजीनियर की कुल संभावित बचत 1.70 करोड़ (करीब) थी जबकि उनके पास 3.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति थी।'
उन्होंने कहा, 'इसके अलावा, उनके एक सहयोगी के पास से 10 करोड़ रुपये (करीब) कथित रूप से मिले थे और वह भी कथित रूप से यादव सिंह के ही थे।'
जांच एजेंसी ने नोएडा में यावद सिंह के निवास एवं दफ्तर समेत 14 ठिकानों की तलाशी ली। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि पहला मामला यावद सिंह, उनकी पत्नी कुसुम लता, बेटी गरिमा भूषण और बेटे सन्नी यादव तथा राजेंद्र मिनोचा नामक एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने को लेकर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया।
सू़त्रों के अनुसार आरोप है कि नवंबर, 2014 में आयकर विभाग को तलाशी के दौरान सिंह के कई परिसरों से विसंगतिपूर्ण कई दस्तावेज एवं आयकर रिटर्न कथित रूप से मिले थे।
सीबीआई प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा, 'आईटीआर और अन्य संबंधित दस्तावेजों को खंगालने से कथित रूप से खुलासा हुआ है कि 2009-2014 की अवधि के दौरान तत्कालीन चीफ इंजीनियर की कुल संभावित बचत 1.70 करोड़ (करीब) थी जबकि उनके पास 3.60 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति थी।'
उन्होंने कहा, 'इसके अलावा, उनके एक सहयोगी के पास से 10 करोड़ रुपये (करीब) कथित रूप से मिले थे और वह भी कथित रूप से यादव सिंह के ही थे।'
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