दिल्ली भाजपा ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर ‘‘दिल्ली चिकित्सा परिषद के पुनर्गठन’’ को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाजपा विधायक दल के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा, ‘‘दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा दिल्ली चिकित्सा परिषद का पुनर्गठन निहित स्वार्थों से प्रेरित होकर किया गया है और इससे ‘‘राजनीतिक भ्रष्टाचार की बू आती है।’’
गुप्ता ने कहा कि जैन ने डीएमसी में चार सदस्यों के नामांकन के मामले में ‘‘अनावश्यक रूप से’’ हस्तक्षेप किया। 22 अक्तूबर से दो दिसम्बर 2014 तक की प्रक्रिया के तहत चार नामों पर निर्णय किया गया और उनके नामांकन के लिए फाइल उप-राज्यपाल को 7 जनवरी 2015 को भेज दी गई।
चुनाव आयोग से मंजूरी प्राप्त करने के बाद नामांकनों को अधिसूचित कर दिया गया। इस बीच आप ने चुनाव जीत लिया और उन्होंने अनुचित रूप से जल्दबाजी करते हुए डीएमसी में नामांकन में हस्तक्षेप किया और राष्ट्रपति शासन के दौरान किए गए नामांकन पर रोक लगा दी।
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने चार सदस्यों को नामांकित किया है जिसमें से एक उनका मित्र है जिसे एक गंभीर मामले में जेल हो चुकी है।’’
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