छत्तीसगढ़ में सत्ता संघर्ष पर NDTV से बोले भूपेश बघेल, ‘सब हाईकमान का फैसला मानते हैं’

पिता की गिरफ्तारी को लेकर भूपेश बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक सौहार्द हमेशा बना रहा है. जातियों में वैमनस्यता नहीं रही. पुलिस ने पिताजी के वक्तव्य के आधार पर कार्रवाई की.

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने सत्ता संघर्ष पर एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया ने जो बयान दिया था, वह आखिरी बयान है कि ऐसी कोई चर्चा नहीं है और न ही ऐसी बात है. राहुल गांधी ने कार्यक्रम के लिए हमें निमंत्रण दिया है. दिल्ली आना जाना, ये स्थिति बनी क्यों? इस सवाल पर बघेल ने जवाब दिया कि गुजरात में जो हुआ सबको पता चल गया. अगर छत्तीसगढ़ में होता तो पता चल जाता. कुछ हुआ ही नहीं है. हाईकमान का निर्णय हम सब मानते हैं. ऐसी कोई बात है ही नहीं. कोई संकेत अभी तक नहीं दिया गया. आगे क्या होगा कोई नहीं जानता. उन्होंने ये भी विश्वास जताया कि उनका कार्यकाल पूरा होगा. उनका साथ बना हुआ है.

पिता की गिरफ्तारी को लेकर भूपेश बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक सौहार्द हमेशा बना रहा है. जातियों में वैमनस्यता नहीं रही. पिता नंदकुमार बघेल को उनके कथित विवादित बयान को लेकर गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि पुलिस ने पिताजी के वक्तव्य के आधार पर कार्रवाई की. जो लोग मेरे पिता जी को नहीं जानते वो कुछ भी कह सकते हैं. लेकिन जहां तक मैं उनको जानता हूं, उन्होंने अनेक आंदोलन किए हैं. कितनी बार वो जेल गए हैं. उन्हें खुद भी नहीं याद होगा. उनके कार्यों में मैं दखल नहीं देता. मेरे कार्यों में वो दखल नहीं देते. उन्होंने गलत किया और प्रशासन ने कार्रवाई की. 


आपने किसानों से कहा कि आप छत्तीसगढ़ आएं और आंदोलन जारी रखें, वहीं पंजाब में कहा जा रहा है यहां से आंदोलन हटाएं क्योंकि चुनाव आने वाले हैं, इस मामले पर बघेल ने कहा कि किसानों की मांग को लेकर लंबी लड़ाई लड़ी जा रही है. छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में हमने काम किया है. गन्ना का सर्वाधिक रेट यहां है, धान का भी. हमारी योजनाएं लोगों को फायदा पहुंचा रही हैं. गांवों के लोगों तक हमारी योजनाएं पहुंच रही हैं. हमारे नेता को इससे संतोष होगा ही.

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पेट्रोल-डीजल के दामों पर बघेल ने कहा कि  भारत सरकार पहले अपनी मंशा व्यक्त करे कि जीएसटी में लाना चाहते हैं या नहीं. पेट्रोलियम पदार्थों के दाम अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं. भारत सरकार को इस  मामले पर भी स्पष्ट करना चाहिए.