
भारत के मशहूर आर्किटेक्ट बालकृष्ण दोशी.
नई दिल्ली:
भारत के मशहूर आर्किटेक्ट बालकृष्ण दोशी को नोबल पुरस्कार के बराबर माने जाने प्रतिष्ठित 'प्रित्जकर' पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. यह पुरस्कार आर्किटेक्चर क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वालों को दिया जाता है. 'प्रित्जकर' पुरस्कार को वास्तुकला की दुनिया का नोबेल पुरस्कार कहा जाता है.
लंबे समय तक भारत के सबसे लोकप्रिय वास्तुकार और शहरी नियोजकों में से एक रहे दोशी को व्यापक तौर पर किफायती हाउसिंग परियोजनाओं के लिए जाना जाता है. समाचार एजेंसी 'एफे' के मुताबिक, पुणे के वास्तकुार को उनके असाधारण कार्य, अपने देश और समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता और निष्ठा के लिए यह सम्मान दिया गया है. 90 साल के दोशी इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय हैं.
दोशी ने कहा, 'मेरा काम, मेरे सिद्धांत और मेरे सपने मेरी जिंदगी का विस्तार हैं. मैं यह पुरस्कार अपने गुरु चार्ल्स एडवर्ड जीननेरेट के लिए जीतना चाहता था.'
(इनपुट : IANS)
लंबे समय तक भारत के सबसे लोकप्रिय वास्तुकार और शहरी नियोजकों में से एक रहे दोशी को व्यापक तौर पर किफायती हाउसिंग परियोजनाओं के लिए जाना जाता है. समाचार एजेंसी 'एफे' के मुताबिक, पुणे के वास्तकुार को उनके असाधारण कार्य, अपने देश और समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता और निष्ठा के लिए यह सम्मान दिया गया है. 90 साल के दोशी इस सम्मान को पाने वाले पहले भारतीय हैं.
दोशी ने कहा, 'मेरा काम, मेरे सिद्धांत और मेरे सपने मेरी जिंदगी का विस्तार हैं. मैं यह पुरस्कार अपने गुरु चार्ल्स एडवर्ड जीननेरेट के लिए जीतना चाहता था.'
(इनपुट : IANS)
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