अखिल भारतीय सेवाओं के नियमों में न किए जाएं कोई बदलाव, भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया है कि मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा हाल में अखिल भारतीय सेवाओं के काडर नियमों में प्रस्तावित संशोधन के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है.

अखिल भारतीय सेवाओं के नियमों में न किए जाएं कोई बदलाव, भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा

मुख्यमंत्री ने आशंका जताई है कि नियमों में संशोधन से प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा सकती है.

रायपुर:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अखिल भारतीय सेवाओं के काडर नियमों को यथावत रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. मुख्यमंत्री ने आशंका जताई है कि नियमों में संशोधन से प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा सकती है तथा अस्थिरता की स्थिति पैदा हो सकती है. राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को यहां बताया है कि मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा हाल में अखिल भारतीय सेवाओं के काडर नियमों में प्रस्तावित संशोधन के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है. उन्होंने प्रधानमंत्री से अखिल भारतीय सेवाओं के काडर नियम को यथावत रखने का आग्रह किया है.

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में इस बात का उल्लेख किया है कि नियमों में प्रस्तावित संशोधन से प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा सकती है और अस्थिरता की स्थिति पैदा हो सकती है. 

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मुख्यमंत्री ने लिखा है, ‘‘अखिल भारतीय सेवाओं के काडर नियमों में केंद्र सरकार द्वारा संशोधन प्रस्तावित करते हुए उन संशोधनों पर राज्य सरकारों से राय मांगी गई है. प्रस्तावित संशोधन केंद्र सरकार को अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की पदस्थापना का अधिकार, एकपक्षीय रूप से बिना राज्य सरकार अथवा संबंधित अधिकारी की सहमति के प्रदान करता है जो कि संविधान में वर्णित संघीय भावना के विपरीत है.''

बघेल ने पत्र में लिखा है, ‘‘अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी मूलतः राज्यों में पदस्थ होते है तथा केंद्र शासन में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापित किए जाते हैं. प्रतिनियुक्ति सामान्यतः राज्य सरकार से सहमति के बाद की जाती रही है. राज्य सरकारें अपनी प्रशासकीय आवश्यकतानुसार निर्णय लेते हुए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सहमति देती रही हैं.''

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उन्होंने लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी कानून व्यवस्था, नक्सल हिंसा के उन्मूलन, राज्य के सर्वांगीण विकास और वनों के संरक्षण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों में अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे है. इन संशोधनों के फलस्वरूप अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों में अस्थिरता और अस्पष्टता का भाव जागृत होना स्वाभाविक है. इससे उनके द्वारा शासकीय दायित्वों के निर्वहन में असमंजस की स्थिति होगी तथा राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण निष्पक्ष होकर काम करना विशेषकर निर्वाचन के समय निष्पक्ष होकर चुनाव संचालन संभव नहीं होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा है, ‘‘निकट भविष्य में इन नियमों के दुरुपयोग की आशंका है. पूर्व में हुई कई घटनाओं में अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों को अनावश्यक रूप से लक्षित कर कार्यवाही किए जाने के उदाहरण मौजूद है. राज्य और केंद्र सरकार के बीच संतुलन तथा समन्वय के लिए वर्तमान नियमों में पर्याप्त प्रावधान हैं.''

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बघेल ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार अखिल भारतीय सेवाओं के काडर नियमों में संशोधन का पुरजोर विरोध करती है तथा मांग करती है कि काडर नियमों को यथावत रखा जाए.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)