
मंदसौर:
मध्य प्रदेश के मंदसौर के तलाव पिपलिया गांव से एक ऐसी खबर शुक्रवार को आई, जो बच्चियों के प्रति हमारी सोच को शर्मसार करने वाली है।
स्थानीय पत्रकार वसीम खान से मिली जानकारी के अनुसर, शुक्रवार दोपहर तलाव पिपलिया गांव में रेशमा नाम की एक महिला को रास्ते से गुजरते वक्त झाडि़यों के पास से एक बच्ची के रोने की मध्यम आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसने तुरंत गांववालों को वहां बुलाया और झाडि़यों में खोजबीन शुरू हो गई। थोड़ी देर बाद एक बच्ची का चेहरा नजर आया, जिसके ऊपर बड़े-बड़े पत्थर रखे हुए थे और राख और मिट्टी के ढेर से उसे पूरी तरह ढंकने की कोशिश की गई थी।
गांव वाले तुरंत बच्ची को लेकर अस्तपाल की ओर दौड़े और उसका इलाज शुरू हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची प्री मेच्योर है और जन्म के पांच से छह घंटे बाद ही उसे दफना दिया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की आंखों में राख चली गई है। हालांकि वह दो-तीन दिन में ठीक हो जाएगी। उसके पैरों में हल्की खरोंच और आंखों में सूजन भी है, जिसके जल्द ही ठीक हो जाने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय पत्रकार वसीम खान से मिली जानकारी के अनुसर, शुक्रवार दोपहर तलाव पिपलिया गांव में रेशमा नाम की एक महिला को रास्ते से गुजरते वक्त झाडि़यों के पास से एक बच्ची के रोने की मध्यम आवाज सुनाई दी, जिसके बाद उसने तुरंत गांववालों को वहां बुलाया और झाडि़यों में खोजबीन शुरू हो गई। थोड़ी देर बाद एक बच्ची का चेहरा नजर आया, जिसके ऊपर बड़े-बड़े पत्थर रखे हुए थे और राख और मिट्टी के ढेर से उसे पूरी तरह ढंकने की कोशिश की गई थी।
गांव वाले तुरंत बच्ची को लेकर अस्तपाल की ओर दौड़े और उसका इलाज शुरू हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची प्री मेच्योर है और जन्म के पांच से छह घंटे बाद ही उसे दफना दिया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की आंखों में राख चली गई है। हालांकि वह दो-तीन दिन में ठीक हो जाएगी। उसके पैरों में हल्की खरोंच और आंखों में सूजन भी है, जिसके जल्द ही ठीक हो जाने की संभावना जताई जा रही है।
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