
देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. देश के कोरोना मरीजों का आंकड़ा 78,000 के स्तर को पार कर गया है. इस बीच, दिल्ली सरकार ने तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के कोरोना संक्रमित सदस्यों के ठीक होने के बाद छोड़ दिया है. AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) इसे लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपी सरकार मुस्लिमों और गरीबों के प्रति क्रूर होने का कोई भी मौका क्यों नहीं छोड़ती है?
ओवैसी ने अपने ट्वीट में कहा, "आखिर क्यों यूपी सरकार मुसलमानों और गरीबों के प्रति निर्दयी होने का कोई भी मौका नहीं छोड़ती है? अगर कोरोना टेस्ट में निगेटिव आए तबलीगी जमात के सदस्यों को दिल्ली और मध्य प्रदेश डिस्चार्ज कर रहे हैं तो फिर उन्हें रहने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है? इस अक्षमता और सांप्रदायिकता की कीमत जन्म नहीं लेने वालों को भी चुकानी पड़ रही है." ओवैसी की यह प्रतिक्रिया एक ट्वीट पर आई है. जिसमें कहा गया है कि गंटूर की एक गर्भवती महिला का टेस्ट बार-बार निगेटिव आने के बाद भी उसे उत्तर प्रदेश में "अस्थायी जेल" में रखा गया है.

कुछ दिन पहले दिल्ली सरकार ने यह आदेश दिया था कि निजामुद्दीन मरकज/ तबलीगी जमात के ठीक हुए सभी लोगों को घर जाने दिया जाए. साथ ही जिन लोगों पर मुकदमा है उन पर पुलिस कार्रवाई की बात कही गई. बता दें कि करीब 4,000 से ज्यादा ऐसे लोग थे जिनको मार्च के आखिरी में निजामुद्दीन मरकज से या कुछ अन्य जगहों से पकड़ा गया था. इनमें से एक हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए गए थे, बाकी लोगों को अलग-अलग क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया था. अब संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं और सभी का क्वारन्टीन पीरियड भी समाप्त हो चुका है. ऐसे में दिल्ली के स्वास्थ्य और गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने यह आदेश दिया था.
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