अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले ओवैसी का हमला- बाबरी विध्वंस में संघ के साथ कांग्रेस का भी हाथ

ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'हां जिसे हक़ बनता है, उसे क्रेडिट दिया जाना चाहिए. आखिर वो राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने बाबरी मस्जिद का ताला खोला था और वो पीवी नरसिम्हा राव ही थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए ये पूरा विध्वंस देखा. कांग्रेस संघ परिवार के साथ विध्वंस के इस अभियान में हाथ में हाथ डाले खड़ी रही.'

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले ओवैसी का हमला- बाबरी विध्वंस में संघ के साथ कांग्रेस का भी हाथ

ओवैसी ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस के लिए कांंग्रेस को भी बताया जिम्मेदार. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • ओवैसी का कांग्रेस पर हमला
  • कहा- विध्वंस में संघ के साथ थी कांग्रेस
  • भूमि पूजन को लेकर भी उठाए सवाल
नई दिल्ली:

अगले हफ्ते राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन (Ram Mandir Construction) का आयोजन किए जाने की खबरों के बीच लोकसभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने केंद्र की मोदी सरकार के साथ-साथ कांग्रेस पर भी हमला बोला है. ओवैसी ने बुधवार को एक ट्वीट कर कहा कि बाबरी विध्वंस में कांग्रेस का भी हाथ था. उन्होंने कहा कि मस्जिद के विध्वंस में संघ के साथ कांग्रेस भी मिली हुई थी.

ओवैसी ने एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए कांग्रेस पर हमला बोला, इस रिपोर्ट में कहा गया था कि भूमि पूजन समारोह में न बुलाए जाने के चलते कांग्रेस नाराज़ है और उसका कहना है कि बीजेपी सारा क्रेडिट ले रही है. इसपर ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'हां जिसका हक़ बनता है, उसे क्रेडिट दिया जाना चाहिए. आखिर वो राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने बाबरी मस्जिद का ताला खोला था और वो पीवी नरसिम्हा राव ही थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए ये पूरा विध्वंस देखा था. कांग्रेस संघ परिवार के साथ विध्वंस के इस अभियान में हाथ में हाथ डाले खड़ी रही.'

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ओवैसी ने इसके पहले भी एक ट्वीट कर भूमि पूजन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए थे. उन्होंने भूमि पूजन में प्रधानमंत्री के शामिल होने की खबर के बीच इसकी संवैधानिकता पर सवालिया निशान लगाया. उन्होंने एक ट्वीट कर अयोध्या में भूमि पूजन का हिस्सा बनने को प्रधानमंत्री पद की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन बताया है. ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'आधिकारिक तौर पर भूमि पूजन में हिस्सा लेना प्रधानमंत्री की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन होगा. धर्मनिरपेक्षता संविधान की मूल भावना है.' साथ ही ओवैसी ने यह भी लिखा कि 'हम भूल नहीं सकते कि 400 साल तक अयोध्या में बाबरी मस्जिद खड़ी रही थी और उसे 1992 में अपराधी भीड़ ने ढहा दिया था...'

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भूमि पूजन की तैयारियां और संभावित मेहमान

बता दें कि लगातार खबरें आ रही हैं कि पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू करने के पहले भूमि पूजन किया जाना है और इसकी तैयारियां चल रही हैं. मंदिर की जिम्मेदारी देख रहे राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट का कहना है कि निर्माण कार्य शुरू हो, इसके लिए योजना बनाई गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमि पूजन वाले दिन नींव की ईंट रखेंगे. वहीं इस समारोह में बस वीवीआईपी मेहमानों के शामिल होने की खबर है.

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे बुजुर्ग नेताओं को कार्यक्रम में बुलाया जाएगा. इसके अलावा, राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रहीं उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा आदि को भी आमंत्रित किया जाएगा. विश्व हिंदू परिषद (VHP) की ओर से आलोक कुमार और मिलिंद परांदे कार्यक्रम में रहेंगे. संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत व अन्य वरिष्ठ नेता रहेंगे. गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी न्योता दिया जाएगा. 

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बुधवार को राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की ओर से एक वीडियो जारी कर आम जनता से अपील की गई है कि वो भूमि पूजन के लिए अयोध्या न आएं. जानकारी है कि लॉकडाउन के बीच लोग समारोह का लाइव प्रसारण देख सकें, इसके लिए अयोध्या में जगह-जगह पर बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई जाएंगी. वहीं दूरदर्शन पर भी इसका प्रसारण किया जाएगा.

Video: राम - भगवान भी, राजा भी, संत भी


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