
जम्मू:
थल सेना प्रमुख बनने के बाद पहली बार जनरल विपिन रावत जम्मू कश्मीर के दौरे पर है. जनरल रावत ने कहा कि दुश्मन के नापाक इरादे को बरबाद करने की जरुरत है. जम्मू कश्मीर में अपने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पाकिस्तान का नाम लिये बगैर जनरल रावत ने कहा कि सरहद पर अगर कोई हरकत होती है तो उसका मुंहतोड़ जवाब देना है. आपको बता दें कि एक जनवरी को दिल्ली में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद ही सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि हम सरहद पर शांति चाहते हैं लेकिन यदि हमें मजबूर किया गया तो हम ताकत के इस्तेमाल से भी परहेज नही करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सेना का हर सैनिक देश की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि हर सिपाही के योगदान से सेना बेहतर और मजबूत बनती है.
सेना प्रमुख ने अपना पद संभालने वक्त अपने दौरे की शुरूआत जम्मू कश्मीर से की क्योंकि पिछले एक साल में सेना को जम्मू कश्मीर में खासा नुकसान उठाना पड़ा है. जहां 2015 में सेना के 33 जवान शहीद हुए थे, वहीं इस साल ये तादाद 63 जा पहुंची. वहीं इस साल जहां सेना ने 97 आतंकी मारे थे, वहीं इस साल करीब 141 आतंकी मार गिराए गए. ऐसे में अपने जवानों की हौंसला अफज़ाई के लिए सेना प्रमुख का यह दौरा काफी अहम है. जनरल रावत उधमपुर, श्नीनगर, नगरोटा, अखनूर, राजौरी, कुपवाड़ा, अनंतनाग और सियाचिन के हालात का जायजा लेंगे.
जनरल ने उत्तरी कमान के प्रयासों की सराहना की जो जम्मू कश्मीर के हालात समान्य बनाने में जुटे हुए हैं. इन जवानों की पीठ भी थपथपाई जो पाकिस्तान के लगातार युद्धविराम उल्लंघन का उसी की भाषा में जवाब दे रहे हैं. उन्होंने जवानों को सर्तक रहने की हिदायत दी ताकि फिर आतंकी कभी नगरोटा या उरी के सैनिक प्रतिष्ठान में हमला न कर सके. जनरल रावत न केवल पाकिस्तान से लगती सीमा बल्कि चीन से लगती सीमा पर भी ना केवल जवानों का हौंसला बढ़ायेंगे बल्कि वहां की सुरक्षा हालात का जायजा भी लेंगे.
सेना प्रमुख ने अपना पद संभालने वक्त अपने दौरे की शुरूआत जम्मू कश्मीर से की क्योंकि पिछले एक साल में सेना को जम्मू कश्मीर में खासा नुकसान उठाना पड़ा है. जहां 2015 में सेना के 33 जवान शहीद हुए थे, वहीं इस साल ये तादाद 63 जा पहुंची. वहीं इस साल जहां सेना ने 97 आतंकी मारे थे, वहीं इस साल करीब 141 आतंकी मार गिराए गए. ऐसे में अपने जवानों की हौंसला अफज़ाई के लिए सेना प्रमुख का यह दौरा काफी अहम है. जनरल रावत उधमपुर, श्नीनगर, नगरोटा, अखनूर, राजौरी, कुपवाड़ा, अनंतनाग और सियाचिन के हालात का जायजा लेंगे.
जनरल ने उत्तरी कमान के प्रयासों की सराहना की जो जम्मू कश्मीर के हालात समान्य बनाने में जुटे हुए हैं. इन जवानों की पीठ भी थपथपाई जो पाकिस्तान के लगातार युद्धविराम उल्लंघन का उसी की भाषा में जवाब दे रहे हैं. उन्होंने जवानों को सर्तक रहने की हिदायत दी ताकि फिर आतंकी कभी नगरोटा या उरी के सैनिक प्रतिष्ठान में हमला न कर सके. जनरल रावत न केवल पाकिस्तान से लगती सीमा बल्कि चीन से लगती सीमा पर भी ना केवल जवानों का हौंसला बढ़ायेंगे बल्कि वहां की सुरक्षा हालात का जायजा भी लेंगे.
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