गुड़गांव:
रामलीला मैदान में अनशन तोड़ने के बाद अन्ना हजारे को मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों के एक दल की निगरानी में रखा गया है और 12 दिन बाद उन्हें तरल पदार्थ देना शुरू कर दिया गया है। अन्ना को पूरी तरह ठीक होने के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। मेदांता-मेडिसिटी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ नरेश त्रेहन ने कहा, उन्हें आज दोपहर बाद भर्ती किया गया है। वह आराम कर रहे हैं। हम उन पर करीब से नजर रख रहे हैं, क्योंकि इस उम्र में उनका वजन साढ़े सात किलोग्राम कम हो गया है। उन्होंने कहा, शरीर में कुछ रिजर्वायर होते हैं, जिनकी मदद से आप उपवास कर सकते हैं, लेकिन ऐसा युवाओं के लिए होता है। इस उम्र में रिजर्वायर युवाओं की तरह नहीं होते, इसलिए चिंता की बात है। इसलिए उन पर कड़ी निगरानी रखी गई है। हजारे को अस्पताल में भर्ती करते ही तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं। डॉ त्रेहन ने कहा, हमने उन्हें तरल पदार्थ देना शुरू कर दिया है। इसके बाद उन्हें थोड़ा गाढ़ा और फिर ठोस आहार दिया जाएगा। उन्होंने कहा, हम उनकी किडनी, जिगर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों का भी परीक्षण करेंगे ताकि अनशन के दौरान हुए किसी तरह के नुकसान की भरपाई हो सके। डॉ त्रेहन ने कहा कि अन्ना की सेहत पूरी तरह ठीक होने के बाद ही उन्हें छुट्टी दी जाएगी। अन्ना ने 13वें दिन करीब 290 घंटे बाद अपना अनशन तोड़ा। पहले अन्ना का कार्यक्रम अनशन तोड़ने के तत्काल बाद राजघाट जाने का था, लेकिन उनकी गिरती सेहत के कारण उन्हें सीधे अस्पताल ले जाया गया।
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