विज्ञापन
This Article is From Dec 10, 2011

देश के साथ हुआ धोखा, साजिश के पीछे राहुल : अन्ना

अन्ना हजारे ने शनिवार को कहा कि विधेयक का परीक्षण करने वाली संसद की स्थायी समिति ने देश के साथ 'धोखा' किया है।
नई दिल्ली: सरकारी लोकपाल विधेयक से नाराज और इसके विरोध में अपने अनशन के एक दिन पहले वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शनिवार को कहा कि विधेयक का परीक्षण करने वाली संसद की स्थायी समिति ने देश के साथ 'धोखा' किया है। उन्होंने कहा कि अगले साल विधासभा और लोकसभा चुनावों में वह कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाएंगे। अन्ना हजारे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 'आश्वासन' को खारिज करने की स्थायी समिति की रिपोर्ट के पीछे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का हाथ हो सकता है। प्रधानमंत्री ने लोकपाल में सिटिजन चार्टर, निचली नौकरशाली और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति को शामिल करने का भरोसा दिया था। अन्ना हजारे ने कहा, "इन मुद्दों को संसद में लाया गया और इन मुद्दों पर बनी सहमति की एक प्रति मुझे भी भेजी गई थी जिसके बाद मैंने अपना अगस्त का अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया था।" सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, "यह पूरे देश के साथ धोखा ..यह सरकार है या बनिए की दुकान? प्रधानमंत्री ने एक पत्र भेजा था जिसमें बताया गया कि इन तीनों मुद्दों को लोकपाल विधेयक के अंतर्गत लाया जाएगा। प्रधानमंत्री का पत्र कूड़े की टोकरी में फेंक दिया गया। ऐसी राजनीति क्यों?" अन्ना हजारे ने कहा, "इसके पीछे कोई है..हमें संदेह है कि राहुल गांधी इसके पीछे हैं..क्योंकि बिना उनके हस्तक्षेप के यह सम्भव नहीं है। यही कारण है कि ये समस्याएं उपस्थित हुई हैं।" अपनी बात रखने के क्रम में अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि टीम अन्ना भविष्य में राहुल गांधी के साथ काम करेगी। अन्ना हजारे ने कहा, "लोकपाल मुद्दे पर सभी के रुख को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी को इस पर निर्णय लेना है। हम भविष्य में उनके साथ काम करेंगे और मैं इस देश की युवा शक्ति में विश्वास करता हूं।" सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे से यह पूछे जाने पर कि वह क्यों राहुल गांधी को निशाना बना रहे हैं, जबकि युवाओं के साथ काम करने पर उनका जोर रहा है और केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि राहुल ने भी एक प्रभावी लोकपाल विधेयक का समर्थन किया है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, "कई लोगों का मानना है कि राहुल गांधी शीघ्र ही प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन यदि वह लोकपाल पर अपने वर्तमान विचारों को नहीं बदलते तो यह देश के लिए खतरनाक होगा।" ज्ञात हो कि सरकारी लोकपाल विधेयक के मसौदे का विरोध करने के लिए अन्ना हजारे शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे। वह रविवार को जंतर-मंतर पर एक दिन का सांकेतिक अनशन करेंगे। लोकपाल विधेयक का परीक्षण करने वाली संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में पेश की। अन्ना हजारे ने इसे 'एक कमजोर विधेयक' बताया और इसके लिए राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया। अन्ना हजारे से यह पूछने पर कि वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी को निशाने पर क्यों नहीं ले रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि सोनिया स्वस्थ नहीं हैं, इसलिए वह उन्हें परेशान नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, "सोनिया स्वस्थ नहीं हैं। यदि वह कुछ कहते हैं तो उनकी तबियत बिगड़ सकती है।" उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं वहां टीम अन्ना जाएगी और जन लोकपाल विधेयक के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही इस पर कांग्रेस का रुख स्पष्ट करेगी। अन्ना हजारे ने कहा, "हम लोगों से यह भी कहेंगे कि उन लोगों को सत्ता में भेजने का क्या फायदा जो देश से भ्रष्टाचार नहीं मिटाना चाहते। हम अगले दो सालों तक लगातार संघर्ष करते रहेंगे। आम चुनावों से पहले हम लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए पूरे देश का दौरा करेंगे। उन लोगों को दोबारा सत्ता में भेजने का क्या फायदा जिन्होंने देश को बर्बाद कर दिया है।" इसके अलावा अन्ना हजारे ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा और कहा कि उनकी टीम कांग्रेस के खिलाफ अभियान चलाएगी। टीम अन्ना के प्रमुख सदस्य प्रशांत भूषण ने कहा कि वे अपने अगले कदम से पहले लोकपाल विधेयक पर संसद के निर्णय का इंतजार करेंगे। ज्ञात हो कि संसद के शीतकालीन सत्र का अवसान 22 दिसम्बर को हो रहा है। भूषण ने कहा कि लोकपाल विधेयक का परीक्षण करने वाली संसद की स्थायी समिति के कई सदस्य रिपोर्ट पर असहमति नोट दे चुके हैं। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने कहा कि समिति के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि समिति किसी संस्थान अथवा किसी व्यक्ति के लिए काम नहीं कर रही है लेकिन लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने की सिफारिश की है। उन्होंने ऐसा राहुल गांधी के लिए किया है क्योंकि उन्होंने लोकपाल संवैधानिक दर्जा देने की बात कही थी। इसके पहले अन्ना हजारे ने समिति की रिपोर्ट को 'कमजोर' और 'प्रभावहीन' बताया।  उन्होंने कहा, "सरकार भ्रष्टाचार मिटाने के प्रति गम्भीर नहीं है। सरकार में स्थायी समिति की रिपोर्ट खारिज करने की इच्छाशक्ति नहीं है।"
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
स्थायी समिति, देश, धोखा, अन्ना
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com