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This Article is From Oct 02, 2020

हाथरस केस में HC के संज्ञान लेने को प्रियंका गांधी ने बताया 'उम्मीद की किरण', बोलीं- न्याय चाहता है पूरा देश

हाथरस मामले में उच्च न्यायालय के स्वत: संज्ञान लेने पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की ओर से मजबूत और उत्साहनजक आदेश दिया गया.

हाथरस केस में HC के संज्ञान लेने को प्रियंका गांधी ने बताया 'उम्मीद की किरण', बोलीं- न्याय चाहता है पूरा देश
हाथरस मामले में HC के आदेश की प्रियंका गांधी वाड्रा ने की तारीफ
नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) में युवती के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट (High Court ) ने स्वत: संज्ञान (Suo Moto Cognizance) लिया है. हाथरस मामले को लेकर विपक्षी दल सरकार को घेरने की कोशिश में है. यही इस घटना को लेकर लोगों में रोष व्याप्त है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने इस मामले में उच्च न्यायालय के स्वत: संज्ञान लेने पर कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की ओर से मजबूत और उत्साहनजक आदेश दिया गया. कोर्ट ने यूपी सरकार के उच्च अधिकारियों को तलब किया है.

प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को एनडीटीवी की खबर शेयर करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, "इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की ओर से मजबूत और उत्साहनजक आदेश दिया गया. हाथरस रेप पीड़िता के लिए न्याय की मांग पूरा देश कर रहा है. हाईकोर्ट का आदेश अंधेरे और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पीड़िता के परिवार के साथ किए गए अमानवीय एवं अन्यायपूर्ण व्यवहार के बीच आशा की किरण दिखाता है." 

हाथरस मामले में पीड़िता की मौत के बाद प्रशासन द्वारा आनन-फानन में अंतिम संस्कार करने की खबरों पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को कहा है कि एक क्रूरता अपराधियों ने पीड़िता के साथ दिखाई और इसके बाद जो कुछ हुआ, अगर वो सच है तो उसके परिवार के दुखों को दूर करने की बजाए उनके जख्मों पर नमक छिड़कने के समान है. मृतक के शव को उनके घर ले जाया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. हमारे समक्ष मामला आया जिसके बारे में हमने संज्ञान लिया है यह केस सार्वजनिक महत्व और सार्वजनिक हित का है क्योंकि इसमें राज्य के उच्च अधिकारियों पर आरोप शामिल हैं, जिसके परिणामस्वरूप न केवल मृतक पीड़िता बल्कि उसके परिवार के सदस्यों की भी मूल मानवीय और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है. 

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बता दें कि यूपी पुलिस ने गुरुवार को  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi)और प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) को हाथरस पीड़िता के परिजनों से मिलने जाने नहीं दिया और नोएडा में ही यमुना एक्सप्रेस-वे पर उन्हें दल-बल के साथ हिरासत में ले लिया था. महामारी एक्ट के तहत नोएडा पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

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