
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय(एएमयू) में दो अक्टूबर की प्रदर्शनी में लगाई गांधी संग जिन्ना की तस्वीर.
नई दिल्ली:
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) में एक बार फिर जिन्ना की तस्वीर लगाने से विवाद खड़ा हो गया. दो अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर मौलाना आजाद लाइब्रेरी में एक प्रदर्शनी लगाई गई. इस प्रदर्शनी में हालांकि गांधी जी के जीवन से जुड़े हुए पहलुओं को दिखाया गया, लेकिन प्रदर्शनी में जिन्ना की तस्वीर भी लगा कमहिमामंडित की गई. खास बात है कि जिन्ना की एक फोटो नहीं थी. इसमें जिन्ना से संबंधित कई फोटो को प्रदर्शनी में लगाया गया. दो दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में हालांकि पहले जिन्ना की तस्वीर पर ध्यान नहीं दिया गया. लेकिन जब एएमयू प्रशासन के उच्चाधिकारियों तक यह मामला गया, तो मौलाना आजाद लाइब्रेरी के लाइब्रेरियन डॉ० अमजद अली को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया. इस मामले में एएमयू के जनसंपर्क विभाग के मेंबर इंचार्ज साफे किदवई ने बताया कि यह एएमयू के आर्काइव विभाग से जुड़ी तस्वीर है और गांधी जी के जीवन से छात्रों को अवगत कराने के लिए यह प्रदर्शनी लगाई गई थी.
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साफे किदवई ने बताया कि विश्वविद्यालय में स्थित मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पदाधिकारी इस बात का फैसला करते हैं कि कौन सी तस्वीर लगाई जाएगी और कौन सी किताबें प्रदर्शनी में रखी जाएं. हालांकि गांधी जी के साथ जिन्ना की फोटो को दिखाया गया है. साफे किदवई ने बताया कि जिन्ना को लेकर पहले विवाद हो चुका है, इसलिए फोटोग्राफ को प्रदर्शनी से हटवा दिया गया और लाइब्रेरियन डॉ० अमजद अली को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. दो दिन की प्रदर्शनी के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले को संज्ञान में लिया है. प्रदर्शनी में जिन्ना के साथ गांधी जी की एक फोटो नहीं है वरन् कई फोटो के साथ मोहम्मद अली जिन्ना को दर्शाया गया है, हालांकि यह किसी की शिकायत पर एक्शन नहीं लिया गया है.
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