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This Article is From Feb 22, 2018

AIUDF विवाद: जनरल बिपिन रावत के बयान में कुछ भी राजनीतिक या धार्मिक नहीं

उन्होंने कहा था कि जनसंघ का आज तक का जो सफर रहा है उसके मुकाबले एआईयूडीएफ का विकास तेजी से हुआ है.

AIUDF विवाद: जनरल बिपिन रावत के बयान में कुछ भी राजनीतिक या धार्मिक नहीं
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत.
  • जनरल रावत के बयान पर बवाल
  • सेना ने दी सफाई
  • बयान में राजनीतिक या धार्मिक बात नहीं.
नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने उत्तर भारत के दौरे पर दो राजनीतिक दलों में तुलना कर दी. असम के राजनीतिक दल एआईयूडीएफ (AIUDF) और बीजेपी की उन्होंने तुलना कर दी.  उन्होंने कहा कि यहां में AIUDF नाम का राजनीतिक संगठन तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस पार्टी का विकास बीजेपी के मुकाबले तेज हुआ है. उन्होंने कहा था कि जनसंघ का आज तक का जो सफर रहा है उसके मुकाबले एआईयूडीएफ का विकास तेजी से हुआ है. उल्लेखनीय है कि एआईयूडीएफ (ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) नाम का संगठन मुस्लिमों की आवाज उठाता है.

सेना प्रमुख के इस बयान के बाद जैसे ही विवाद बढ़ा और कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी तब सेना की ओर से इस संबंध में बयान जारी कर कहा गया है कि सेना प्रमुख ने राज्य के विकास की बात कही है. सेना का कहना है कि जनरल रावत के बयान में कुछ भी राजनीतिक नहीं है और न ही किसी धर्म से जुड़ा बयान है.

अपने इस दौरे में उन्होंने भारत के लिए चीन और पाकिस्तान के खतरनाक मंसूबों पर चिंता जाहिर की और कहा कि चीन और पाकिस्तान भारत की मजबूती को हिलाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं इसलिए उन्होंने परोक्ष युद्ध का रास्ता चुना है. उत्तर पूर्व के रास्ते भारत आने वाले शरणार्थियों को सेना प्रमुख ने चीन की चाल बताया.

पड़ोसी देशों की ओर इशारा करते हुए जनरल रावत ने कहा कि जिस तरह कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादी भेजे जाते हैं. उसी तरह उत्तर भारत में अशांति फैलाने के लिए अवैध आबादी को भारत में भेजा जाता है. इसके पीछे सेना प्रमुख ने वोट बैंक की राजनीति को दोषी बताया. 
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AIUDF, Bipin Rawat
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