
आम आदमी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव में 350 उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। पार्टी के नेता संजय सिंह ने इस बारे में घोषणा की है।
आप पार्टी ने गुरुवार को अपनी कार्यकारिणी के बैठक के बाद कहा कि उसका ध्यान प्रमुख रूप से उन 162 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का रहेगा जहां पर कथित रूप से आपराधिक छवि वाले नेता हैं।
फिलहाल पार्टी अभी तक 543 लोकसभा सीटों में यह तय नहीं कर पाई है कि वह अंतत: कितने उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। इस पार्टी को भाजपा के नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राहुल गांधी से मोर्चा लेना है।
दिल्ली चुनावों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाकर जीत दर्ज करने वाली आप पार्टी ने दावा किया है कि जब से पार्टी ने लोकसभा चुनावों में उतरने का ऐलान किया है तब से पार्टी ने सदस्यता में भारी इजाफा हुआ है। पार्टी का कहना है कि करीब एक करोड़ लोग पार्टी के सदस्य बन चुके हैं।
वर्तमान के तमाम सर्वे पार्टी को बहुत ज्यादा सीट देते नहीं दिखाई दे रहे हैं, लेकिन दिल्ली में पार्टी की जीत से भाजपा और कांग्रेस दोनों में खलबली मची हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस अब आप पार्टी की ही भांति आम आदमी की बात करने लगी हैं।
कहा जा रहा है कि भले ही पार्टी कुछ सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाए, इससे पार्टी न केवल नरेंद्र मोदी को सत्तासीन होने में रोकने का काम कर सकती है, बल्कि दिल्ली में अल्पमत की सरकार चला रहे आप पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को लोकसभा में भी अपनी बात रखने का अधिकार मिल जाएगा।
हाल में अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि तमाम केंद्रीय मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, इसलिए वह साफ नहीं कह सकते कि कितने मंत्री इस बार चुनाव में उनके निशाने पर रहेंगे।
आप नेता संजय सिंह ने कहा, 'भ्रष्टाचार एवं राजनीति का अपराधीकरण दो ऐसे व्यापक मुद्दे हैं जिन पर पार्टी लोकसभा चुनाव लड़ेगी। पार्टी उन विभिन्न दलों के ऐसे नेताओं के खिलाफ उम्मीदवार खड़े करेगी जो भ्रष्टाचार एवं राजनीति के अपराधीकरण का प्रतीक बन गए हैं।'
उन्होंने कहा, '162 सांसद ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 73 के खिलाफ जघन्य अपराध के मामले हैं। पार्टी उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारने का प्रयास करेगी।'
यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी ए राजा जैसे मंत्रियों के खिलाफ उम्मीदवार उतारेगी, उन्होंने कहा कि पार्टी 15 ऐसे मंत्रियों के खिलाफ चुनाव लड़ेगी जिनके विरुद्ध गंभीर आरोप हैं तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री (राजा) उनमें से एक हैं।
सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद बैठक में विचार विमर्श किए गए मुद्दों को कल होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक में रखा जाएगा ताकि उन पर अनुमोदन लिया जा सके।
पार्टी नेता गोपाल राय ने कहा कि पार्टी संविधान में संशोधनों के मुद्दे पर भी राष्ट्रीय परिषद में विचार विमर्श किया जाएगा।
गौरतलब है कि 2009 के लोकसभा चुनाव में जिन प्रत्याशियों पर आपराधिक मामले दर्ज थे उनके जीतने की दर भी ज्यादा थी।
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