विज्ञापन
This Article is From Aug 26, 2015

सलमान के हिट एंड रन मामले में नया मोड़, कोर्ट के पेपर बुक में कई दस्तावेज गायब

सलमान के हिट एंड रन मामले में नया मोड़, कोर्ट के पेपर बुक में कई दस्तावेज गायब
सलमान खान (फाइल फोटो)
मुंबई: अभिनेता सलमान खान के हिट एंड रन मामले में एक नया मोड़ आया है। सलमान के वकील अमित देसाई ने मंगलवार को बम्बई उच्च न्यायालय में कहा कि कई दस्तावेज इस मामले की पेपर बुक में शामिल नहीं किए गए हैं।

इसलिए वह सलमान की अपील पर बहस नहीं कर सकते। पेपर बुक अदालत की रजिस्ट्री तैयार करती है। इसमें मामले के तमाम सबूत और दस्तावेज होते हैं। अपील पर सुनवाई से पहले इस मामले के दोनों पक्षों को सौंपा जाता है। इसके आधार पर संबंधित पक्षों के वकील अपने-अपने तर्क तैयार करते हैं।

न्यायमूर्ति ए.आर.जोशी को दी गई अर्जी में सलमान के वकील अमित देसाई ने दावा किया कि उनके मुवक्किल के बचाव से जुड़े कुछ दस्तावेज पेपर बुक में शामिल नहीं किए गए हैं। देसाई ने कहा कि इनमें से एक दस्तावेज तो मामले के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें बचाव पक्ष ने कहा था कि पुलिस का गवाह रविंद्र पाटील एक 'बनाया हुआ गवाह' था और वह सच नहीं बोल रहा था।

जवाब में सरकारी वकील पूर्णिमा कंथारिया और एस.एस.शिंदे ने कहा कि पेपर बुक में इस दस्तावेज के न होने के बावजूद इसका जिक्र रिकार्ड और कार्यवाही में है। बचाव पक्ष के वकील उसकी मदद ले सकते हैं। देसाई ने कहा कि पेपर बुक को बम्बई उच्च न्यायालय की नियमावली के हिसाब से बनाया जाना चाहिए। अभियोजन पक्ष ने इस तर्क को सही नहीं बताया।

अदालत ने कहा कि देसाई की अर्जी पर सुनवाई बुधवार को होगी। 28 सितंबर, 2002 के इस मामले में सलमान खान की गाड़ी से कुचलकर एक व्यक्ति मारा गया था। इस साल छह मई को इस मामले में सलमान को दोषी ठहराया गया था और पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी।

फैसले के खिलाफ बम्बई उच्च न्यायालय में अपील हुई। आठ मई को उच्च न्यायालय ने सलमान की अर्जी मंजूर करते हुए निचली अदालत से मिली सजा पर रोक लगा दी और उन्हें जमानत दे दी।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
सलमान खान, हिट एंड रन मामला, अमित देसाई, बम्बई उच्च न्यायालय, पेपर बुक, Salman Khan, Hit-and-run Case, Amit Desai, Bombay High Court, Paper Book