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This Article is From Aug 27, 2016

हैदराबाद में एक मां ने अपनी नवजात बच्‍ची को स्‍तनपान कराने से इंकार किया...

हैदराबाद में एक मां ने अपनी नवजात बच्‍ची को स्‍तनपान कराने से इंकार किया...
  • महिला का कहना है कि उसने लड़की नहीं, बल्कि लड़के को जन्म दिया है.
  • नवजातों के जैविक माता-पिता का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्‍ट कराया जाएगा.
  • महिला सिर्फ केवल नवजात लड़के को दूध पिलाने की जिद कर रही है.
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हैदराबाद: हैदराबाद के एक सरकारी अस्‍पताल में एक खूबसूरत नवजात बच्‍ची, जोकि चार दिन की भी नहीं है, उसे उसके परिवारवालों द्वारा छोड़ दिया गया. बच्‍ची को उसकी मां द्वारा स्तनपान नहीं कराया जा रहा है, क्‍योंकि उसका कहना है कि 'मैंने लड़की नहीं, बल्कि लड़के को जन्म दिया है'.

'मैं कैसे बच्‍ची को दूध पिला सकती हूं, जबकि मुझे बताया गया था क‍ि मैंने एक लड़के को जन्‍म दिया'. यह बात महबूबनगर निवासी आदिवासी महिला 22 वर्षीय रजिथा ने कही, जिसने अपनी बेटी के जन्‍म के 14 महीने बाद दूसरे बच्‍चे को जन्‍म‍ दिया.

मंगलवार दोपहर को रजिथा और एक अन्‍य महिला रमा, ने हैदराबाद के सरकारी प्रसूति अस्‍पताल में कुछ मिनटों के अंतराल में बच्‍चों को जन्‍म दिया था.

सरकारी अस्‍पताल मान रहा है कि कुछ गड़बड़ हुई और खबर को गलत तरीके से एक परिवार को अवगत करा दिया गया था. लेकिन बच्‍चों की क्‍या गलती, जो इस गलती का खामियाज़ा भुगत रहे हैं.

एक चिकित्‍सक आर विद्यावती ने कहा कि 'अस्‍पताल में रोजाना करीब 40 बच्‍चे जन्‍म लेते हैं'. उन्‍होंने आगे कहा, 'उस दिन, नर्स द्वारा रमा के परिवार को बुलाया गया, लेकिन रजिथा की मां और आंटी आ गईं और उन्‍हें नवजात लड़के को सौंप दिया गया. कुछ मिनट बाद, जब रजिथा ने एक लड़की को जन्‍म दिया, तो परिवार ने उसे नहीं स्‍वीकारा और पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी'.

डॉक्‍टर ने NDTV से कहा, दोनों बच्चों को एक विशेष इकाई में अपनी मां से दूर रखा गया है. नवजात बच्‍ची की मां रजिथा ने बच्‍ची को स्‍तनपान कराने से मना कर दिया है और सीज़ेरियन ऑपरेशन के चलते रमा देवी को दूध आने में देरी हो रही है. लिहाजा, हम बच्‍चों को फॉर्मूला दूध पिला रहे हैं.

रजिथा अत्यधिक दर्द और बेचैनी की शिकायत कर रही हैं, क्‍योंकि वह अपने नवजात शिशु को स्‍तनपान नहीं करा रहीं. वह अभी तक केवल नवजात लड़के को दूध पिलाने की जिद कर रही हैं.

20 वर्षीय रमा का कहना है कि उन्‍हें अपना नवजात बेटा चाहिए, उसके लिंग (Gender) की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए क्‍योंकि उन्‍होंने उसे जन्‍म दिया है. रमा कहती हैं 'मुझे मेरे नजवात बेटे को गोद में नहीं लेने दिया जा रहा है. मैंने उसे जन्‍म दिया है. अगर मैंने एक बेटी को जन्‍म दिया होता तो भी मैं उसे स्‍वीकार करती'.

अस्‍पताल का कहना है कि नवजातों के जैविक माता-पिता का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्‍ट कराया जाएगा.

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