ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ खेलों के बीच वीरवार को हॉकी इंडिया ने भारतीय टीम की नई ड्रेस क्या लॉन्चिंग की, इस पर बवाल मच गया. मुद्दे ने खेल के दायरे से बाहर निकलकर राजनीतिक रंग ले लिया, तो वहीं हॉकी इंडिया और इसके अध्यक्ष और पूर्व कप्तान दिलीप टिर्की ने भी सफाई दी है. बहरहाल, इस मुद्दे पर दिग्गजों के बयानों का आना जा रही है. अब अपने समय के दो दिग्गज और पूर्व कप्तान परगट सिंह और धनराज पिल्लई ने भी नई ड्रेस पर सवाल उठाए हैं. विश्व कप से पहले भारतीय हॉकी टीमों की जर्सी का रंग नीले से बदलकर केसरिया करने पर भड़के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने सवाल दागा कि देश में हर चीज की ‘भगवा ब्रांडिंग' क्यो हो रही है. वहीं, धनराज पिल्लई ने कहा है कि राष्ट्रीय टीम की पहचान नीली जर्सी रही है, यह कोई फ्रेंचाइजी हॉकी नहीं है.
चार ओलिंपिक, विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी समेत भारत के लिये 339 मैच खेल चुके महान फॉरवर्ड धनराज ने भाषा से कहा,‘भारतीय हॉकी की पहचान नीली जर्सी रही है. केसरिया हमारे ध्वज का रंग है और काफी मायने रखता है लेकिन भारतीय हॉकी से जुड़ा नहीं है. इतने साल बाद लेकिन अचानक क्यों बदला गया , यह समझ से परे है.'
Presenting the new India jersey! 🇮🇳
— Hockey India (@TheHockeyIndia) July 27, 2026
Every stitch tells a story. Every pattern, every colour carries India's pride.
Our teams are ready to once again do the country proud at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026.
🎥: Select 2 (SD+HD)+ Khel & JioHotstar
🗓️: August… pic.twitter.com/8GvwbByapq
उन्होंने कहा, ‘1928 से लेकर अब तक, दादा ध्यानचंद और बलबीर सिंह सीनियर से लेकर मोहम्मद शाहिद , जफर इकबाल और 1980 मॉस्को ओलंपिक की टीम तक सभी नीली जर्सी में खेले हैं. मैं खुद 15 साल तक खेला और जब तक खेला गहरा और हल्का नीला ही जर्सी का रंग रहा है.' उन्होंने कहा, ‘वह भाव अब नयी केसरिया रंग की जर्सी में कैसे आ सकेगा. यह कोई आईपीएल या हॉकी इंडिया लीग नहीं है जिसमें फ्रेंचाइजी अलग अलग रंगों की जर्सी में खेलते हैं. भारतीय जर्सी का रंग तो नीला ही है.'
एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पूर्व कप्तान ने कहा,‘जहां तक मुझे याद है, हम 1992 बार्सिलोना ओलिंपिक में अर्जेंटीना के खिलाफ एक मैच पीली जर्सी पहनकर खेले थे. नीले शॉर्ट और पीली टीशर्ट. इसके अलावा सिर्फ नीली जर्सी ही पहनी है.' उन्होंने इस दलील को भी खारिज किया कि नीली टर्फ पर नीली जर्सी में खेलने से दिक्कत आती है. धनराज ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ है. नीली टर्फ पर खेलते हुए पांच छह साल हो गए और मैने तो ऐसा कभी नहीं देखा . क्या एफआईएच ने कहा है कि नीले रंग से विरोधी टीम को या आपकी टीम को कोई दिक्कत होती है.' वहीं बार्सीलोना (1992) और अटलांटा (1996) ओलंपिक खेल चुके महान डिफेंडर परगट ने कहा कि देश में हर चीज की भगवा ब्रांडिंग हो रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है.
VIDEO | Hockey India President Dilip Kumar Tirkey, says, "On 15th August, both the men's and women's teams are going to play in the World Cup. As far as the jersey change is concerned, there is no pressure from anyone. I would like to clarify this. The request came from the… pic.twitter.com/B1uwT7cvWi
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
हॉकी से राजनीति में आये पंजाब में कांग्रेस के विधायक परगट ने कहा, ‘हमारे देश में हर चीज में भगवा ब्रांडिंग हो रही है चाहे शिक्षा हो, इतिहास और अब खेल भी. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. खेल ऐसा क्षेत्र है जो हमारे देश का गर्व है और धर्म, जाति, वर्ग सभी से परे है. खेल में भी अगर यही सोच डालनी है तो यह शर्मनाक है.' उन्होंने कहा, ‘हॉकी इंडिया ने अजीब सा बयान दिया है कि टर्फ का रंग नीला होने से परेशानी होती है, लेकिन मैने तो ऐसा कभी नहीं देखा. उसे भी मान लिया जाये तो भी सिर्फ यही रंग क्यों, क्या कोई और रंग नहीं था?' परगट ने इस बात को भी खारिज किया कि खिलाड़ियों और कोचों के सुझाव पर यह फैसला लिया गया.
उन्होंने कहा, ‘ऐसा कभी नहीं होता कि इन मसलों पर खिलाड़ी या कोच सुझाव देते हैं. एफआईएच के पास हमारे जर्सी के रंग रजिस्टर्ड होते हैं. क्रिकेट टीम भी नीली जर्सी पहनती है और हॉकी टीम भी इतने साल से नीली जर्सी ही पहनती आई है. नारंगी रंग हालैंड की टीम का है और हम उससे कैसे ‘रिलेट' कर सकेंगे. खिलाड़ी भी खुद को नीले रंग से जोड़ते हैं और यही रंग उनकी पहचान है.' परगट ने कहा, ‘जितनी भी हॉकी हमने खेली है और पहले भी दिग्गजों को खेलते देखा है, तो नीली जर्सी में ही देखा है. अभ्यास मैचों में भी हमने कोई और रंग नहीं पहना . नीला रंग भारतीय हॉकी की पहचान बन गया है और रंग बदलने से असर तो पड़ेगा ही.' उन्होंने कहा,‘नीले के साथ हम दूसरी सफेद रंग की जर्सी रखते हैं लेकिन यहां तो मुख्य जर्सी के रूप में रजिस्टर ही भगवा रंग कराया गया है. इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं है.'
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