Vidarikand For Health: सदियों से आयुर्वेद में ऐसी कई गुणकारी जड़ी-बूटियों से असाध्य रोगों का इलाज किया जा रहा है, जो बहुत भी दुर्लभ हैं. ये जड़ी-बूटियां शरीर को भीतर से ऊर्जा देकर रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती हैं. ऐसी ही एक दुर्लभ जड़ी-बूटी है विदारीकंद, जिसे भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. यह दुर्लभ जड़ी-बूटी न केवल शरीर की ऊर्जा को बढ़ाती है, बल्कि पुराने से पुराने बुखार को भी ठीक करने की क्षमता रखती है.
चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में विदारीकंद को जड़ी-बूटियों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि यह बल प्रदान करती है और प्रजनन क्षमता को भी मजबूत करती है. इसे भद्रकंद और पुष्पमूल के नाम से भी जाना जाता है. विदारीकंद एक बेल (लता) है, जिसकी जड़ों में अदरक जैसी गांठे मिलती हैं. इसकी गांठों को सुखाकर चूर्ण बनाकर इस्तेमाल किया जाता है और कभी-कभार तो इसका अर्क भी बनाकर लिया जाता है. यह रोग और प्रयोग करने की विधि पर निर्भर करता है. विदारीकंद की तासीर ठंडी होती है और यह शरीर में पित्त और वात दोष को संतुलित करता है और भीतर से ठंडक भी देता है.
विदारीकंद के फायदे- (Vidarikand Ke Fayde)
गर्मियों में शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए विदारीकंद बेहतरीन औषधि है. इसका प्रयोग कमजोरी, थकान, बुखार, हड्डियों के रोगों, कमजोर प्रजनन क्षमता और वजन बढ़ाने में किया जाता है. अगर बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होती है तो दूध के साथ विदारीकंद के चूर्ण का सेवन रात के समय करना चाहिए. इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और मांसपेशियों को भी बल मिलता है. इसके अलावा अगर पाचन शक्ति कमजोर है और बार-बार गैस और खट्टी डकार परेशान करती हैं तो मिश्री और ठंडे दूध के साथ सुबह विदारीकंद का सेवन करना चाहिए. इससे पेट की जलन शांत होती है और एसिडिटी से भी छुटकारा मिलता है. विदारीकंद महिला और पुरुष दोनों में प्रजनन स्वास्थ्य को बनाए रखता है. इसके लिए विदारीकंद को अश्वगंधा और शतावरी के साथ लेने से फायदा मिलेगा.

नोटः विदारीकंद के प्रयोग से पहले चिकित्सक से सलाह जरूर लें. मधुमेह से पीड़ित लोगों को विदारीकंद के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि यह ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ा सकता है. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी बिना चिकित्सक के सलाह के सेवन से बचें.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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