पूरे भारत में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है. वहीं इसी के चलते मुंबई में रात के तापमान में सबसे अधिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है. इस मामले में एक नए विश्लेषण से पता चला है कि जलवायु परिवर्तन के कारण रात का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया है. ये हर साल करीब 50 से 80 रातों में देखा गया है. क्लाइमेट सेंट्रल और क्लाइमेट ट्रेंड्स द्वारा किए गए विश्लेषण में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण रात के समय तापमान में वृद्धि हो रही है, जिसका असर भारत और दुनिया भर में नींद की गुणवत्ता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है.
जलवायु परिवर्तन के कारण दिन की तुलना में रात के तापमान में अधिक तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है, जिसका मुख्य कारण कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का जलना है. जलवायु परिवर्तन के मामले में संवेदनशील देशों में से एक भारत में पिछले दशक में रात्रि के न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 18 जून को राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 12 वर्षों में सबसे गर्म रात रही. पारा 35.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. यह 1969 के बाद से शहर का सबसे अधिक न्यूनतम तापमान है.
विश्लेषण से पता चलता है कि 2018 और 2023 के बीच केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, जम्मू और कश्मीर और आंध्र प्रदेश के शहरों में जलवायु परिवर्तन के कारण हर साल लगभग 50 से 80 दिन तापमान सीमा से ऊपर चला गया.
वहीं मुंबई में रात के तापमान में सबसे अधिक बदलाव देखा गया है, शहर में ग्लोबल वार्मिंग के कारण 65 दिन अतिरिक्त गर्म रातें देखी गई हैं.
पश्चिम बंगाल और असम सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहे. यहांं जलपाईगुड़ी, गुवाहाटी, सिलचर, डिब्रूगढ़ और सिलीगुड़ी जैसे शहरों में जलवायु परिवर्तन के कारण हर साल औसतन 80 से 86 दिन पारा 25 डिग्री से ऊपर रहा.
जलवायु परिवर्तन के कारण कई शहरों का तापमान कई दिनों तक 20 डिग्री से अधिक रहा. इन शहरों में गंगटोक, दार्जिलिंग, शिमला और मैसूर शामिल हैं. यहां औसतन 26, 30, 31 और 54 रातों के तापमान में इजाफा हुआ.
रात के समय अधिक तापमान मानव के शरीर के लिए नुकसानदायक होता है. रात में शरीर का तापमान बढ़ने से मौत का खतरा बना रहता है.
इसके साथ ही नींद की गुणवत्ता और अवधि पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है. खराब नींद शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रही है. इस समस्या का बुजुर्गों पर ज्यादा असर होता है.
यह सभी निष्कर्ष उस सप्ताह के दौरान सामने आए, जब कई भारतीय शहरों में रात की गर्मी के नए रिकॉर्ड देखे गए.
19 जून को दिल्ली ने अब तक के सबसे ज्यादा न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड तोड़ दिया. पारा 35.2 डिग्री तक पहुंच चुका था. क्लाइमेट सेंट्रल के विश्लेषण के अनुसार 2018 से 2023 के बीच दिल्ली में 25 डिग्री से ज्यादा तापमान वाली लगभग चार अतिरिक्त रातें दर्ज की गईं.
18 जून को राजस्थान के अलवर में न्यूनतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया, जो 1969 के बाद सबसे अधिक रात का तापमान था. वहीं अलवर में लगभग नौ अतिरिक्त रातों का तापमान 25 डिग्री से अधिक देखने को मिला.
उत्तर प्रदेश में, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर और वाराणसी में भी इस सप्ताह 33 डिग्री से लेकर 33.6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया. वाराणसी में 2018 से 2023 तक जलवायु परिवर्तन के कारण 25 डिग्री से अधिक तापमान वाली चार अतिरिक्त रातें देखी गईं.
रात के समय लगातार बढ़ते तापमान के कारण बढ़ते तनाव और थकावट से मौतें हो रही हैं. वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन और क्लाइमामीटर के वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, भारत में चल रही वर्तमान हीट वेव जलवायु परिवर्तन के कारण और अधिक खतरनाक हो गया है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं