वजन कम करने और डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए Ozempic जैसी दवाओं का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. लेकिन अब इन दवाओं को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिस पर ध्यान देना जरूरी है. नई स्टडी में GLP-1 दवाओं के इस्तेमाल और बाल झड़ने के बीच संभावित संबंध पाया गया है. रिसर्च के मुताबिक इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों में कुछ दूसरी डायबिटीज दवाएं लेने वालों की तुलना में बाल झड़ने का खतरा ज्यादा देखा गया. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि ये दवाएं लेने वाले हर व्यक्ति के बाल झड़ेंगे.
क्या Ozempic और दूसरी GLP-1 दवाओं से बढ़ सकता है Hair Fall?
ये रिसर्च द ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) में पब्लिश हुई है. अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिल्वेनिया के शोधकर्ताओं ने टाइप-2 डायबिटीज वाले मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड का अध्ययन किया.
Ozempic से बाल झड़ने का खतरा कितना?
रिसर्च में GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट यानी GLP-1RA दवाएं लेने वाले मरीजों की तुलना दूसरी डायबिटीज दवाएं लेने वाले मरीजों से की गई. जनवरी 2019 से सितंबर 2024 के बीच के डेटा को इसमें शामिल किया गया.
बाल झड़ने का खतरा कितना ज्यादा?
स्टडी के नतीजे ध्यान खींचने वाले हैं. SGLT-2 इनहिबिटर लेने वाले मरीजों की तुलना में GLP-1 दवा लेने वालों में बाल झड़ने का खतरा 37% ज्यादा पाया गया. वहीं DPP-4 इनहिबिटर लेने वालों की तुलना में GLP-1 दवाएं लेने वाले मरीजों में ये खतरा 68% ज्यादा था.
हालांकि शोधकर्ताओं ने ये भी साफ किया है कि बाल झड़ने का कुल खतरा कम है. इसलिए इसे इस तरह नहीं समझना चाहिए कि Ozempic जैसी दवा लेने वाले हर व्यक्ति को ये समस्या होगी.

कौन सी दवाएं शामिल हैं?
GLP-1 दवाओं में सेमाग्लूटाइड और टिरजेपाटाइड जैसी दवाएं शामिल हैं. इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में किया जाता है और वजन कम करने में भी ये काफी चर्चा में रही हैं.
वहीं, SGLT-2 इनहिबिटर ऐसी दवाएं हैं जो शरीर से अतिरिक्त शुगर को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने में मदद करती हैं. DPP-4 इनहिबिटर भी डायबिटीज की दवाओं का एक अलग वर्ग है, जो इंसुलिन रिलीज को बढ़ाने में मदद करता है.
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तेजी से वजन घटने का असर बालों पर
शोधकर्ताओं के मुताबिक इस कनेक्शन की एक संभावित वजह तेजी से वजन कम होना हो सकती है. जब वजन बहुत तेजी से घटता है, तो शरीर में न्यूट्रिएंट्स के बैलेंस पर भी असर पड़ सकता है. आयरन और जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी बालों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है. इसके अलावा वजन में तेजी से बदलाव के दौरान हार्मोनल चेंजेस भी बाल झड़ने की वजह बन सकते हैं.
क्या झड़े बाल फिर वापस आ सकते हैं?
स्टडी में जिस समस्या की बात की गई है, उसे नॉन-स्कारिंग एलोपेसिया कहा जाता है. इसमें बालों के फॉलिकल्स पूरी तरह नष्ट नहीं होते. इसलिए बालों के दोबारा आने का चांस बना रहता है. हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि दवा बंद करने के बाद बाल कितनी जल्दी वापस आते हैं या हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा होता है.
अभी दवा बंद करने की जरूरत नहीं
शोधकर्ताओं ने साफ किया है कि स्टडी से ये साबित नहीं होता कि बाल झड़ने की सीधी वजह GLP-1 दवाएं ही हैं. रिसर्च में कुछ जरूरी जानकारियां उपलब्ध नहीं थीं. जैसे बाल झड़ने की गंभीरता, समस्या कितने समय तक रही और इलाज बंद करने के बाद बालों की स्थिति कैसी रही. इसलिए अगर कोई व्यक्ति GLP-1 दवा ले रहा है और उसे अचानक ज्यादा बाल झड़ते नजर आ रहे हैं, तो बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद नहीं करनी चाहिए.
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