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बारिश में दाद, खाज और फंगल इन्फेक्शन से हैं परेशान? इन आसान उपायों से करें बचाव

बारिश में स्किन पर नमी की वजह से फंगल इंफेक्शन होता है. आप भी बारिश में दाद, खाज और फंगल इंफेक्शन से परेशान रहते हैं तो इससे बचने के कुछ अचूक उपाय हम यहां बता रहे हैं.

बारिश में दाद, खाज और फंगल इन्फेक्शन से हैं परेशान? इन आसान उपायों से करें बचाव
मानसून में तेजी से फैलता है फंगल इन्फेक्शन, त्वचा को बचाने के लिए अपनाएं ये 6 आदतें
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बारिश का मौसम राहत तो देता है, लेकिन यही मौसम दाद, खाज, खुजली और फंगल इन्फेक्शन का खतरा भी बढ़ा देता है. गीले कपड़े, पसीना और त्वचा पर जमा नमी फंगस के लिए आदर्श माहौल बनाते हैं. अगर आप भी मानसून में बार-बार स्किन इन्फेक्शन से परेशान रहते हैं, तो ये 6 आसान आदतें आपकी त्वचा को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं.

मानसून के दौरान फंगल इन्फेक्शन क्यों फैलते हैं?

फंगस गर्म और नमी वाले माहौल में पनपते हैं. मानसून के दौरान, कपड़ों, जूतों और त्वचा की सिलवटों में नमी जमा हो जाती है, खासकर तब जब लोग लंबे समय तक गीले कपड़े पहने रहते हैं या खुद को ठीक से नहीं सुखाते. इस वजह से, फंगल स्पोर्स बढ़ते और फैलते हैं.

फंगल स्किन डिजीज सिर्फ मामूली खुजली नहीं है. हालिया वैश्विक विश्लेषण बताता है कि इसके करोड़ों मामले हर साल सामने आते हैं.

जब त्वचा गीली रहती है, तो उसकी सुरक्षात्मक परत कमजोर हो जाती है, जिससे बाहरी इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. जिन लोगों की साफ-सफाई ठीक नहीं होती, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है या जिन्हें पहले से त्वचा की समस्याएं होती हैं, उन्हें फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा ज्यादा होता है.

विशेषज्ञों के अनुसार गर्म और नम मौसम फंगस के बढ़ने के लिए आदर्श माहौल बनाता है, इसलिए मानसून के दौरान फंगल इन्फेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है.

मानसून में फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए

त्वचा को सूखा रखें
गीले कपड़े तुरंत बदलें
कॉटन के कपड़े पहनें
रोज नहाएं और साफ-सफाई रखें
पैरों को सूखा रखें
तौलिया और कपड़े शेयर न करें

फंगल इन्फेक्शन के लक्षण क्या हैं?

स्किन पर या स्किन के अंदर होने वाला फंगल इन्फेक्शन लाल, सूजा हुआ या उभरा हुआ दिख सकता है. ये रैश या त्वचा के नीचे गांठ की तरह दिख सकते हैं. मुंह में फंगल इन्फेक्शन होने पर सफेद परत या पैच बन सकते हैं.

रिसर्च के अनुसार त्वचा और नाखूनों के फंगल इन्फेक्शन दुनिया के सबसे आम त्वचा रोगों में शामिल हैं.

फंगल इन्फेक्शन के कुछ आम संकेत या लक्षण इस प्रकार हैं:

  • जलन
  • पपड़ीदार त्वचा
  • त्वचा पर लालिमा
  • खुजली
  • सूजन
  • छाले

कई वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि ज्यादा नमी और ह्यूमिडिटी फंगस की वृद्धि को बढ़ावा देती है.

किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है?

डायबिटीज वाले लोग
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
ज्यादा पसीना आने वाले लोग
लंबे समय तक गीले जूते/मोजे पहनने वाले लोग
पहले फंगल इन्फेक्शन झेल चुके लोग

फंगल इन्फेक्शन को कैसे रोकें?

फंगल इन्फेक्शन से बचाव के लिए लाइफस्टाइल और साफ-सफाई से जुड़े उपाय अपनाना जरूरी है. यहां मानसून के दौरान फंगल इन्फेक्शन से बचने के लिए कुछ सावधानियां बताई जा रही हैं.

त्वचा को सूखा रखें : फंगस को पनपने से रोकने के लिए नहाने या बारिश में भीगने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. स्किन की सिलवटों, पैरों और उन जगहों पर खास ध्यान दें जो आमतौर पर ढकी रहती हैं.

हवादार कपड़े चुनें : कपड़ों में फंगस को पनपने से रोकने के लिए सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें जिनसे हवा का आना-जाना हो सके. सिंथेटिक कपड़े पसीना और नमी को रोककर रखते हैं, जिससे फंगस के पनपने के लिए सही माहौल बनता है. दिन में कम से कम दो बार कपड़े और अंडरगारमेंट्स बदलने से भी इन्फेक्शन का खतरा कम हो सकता है.

साफ-सफाई का ध्यान रखें : मानसून के दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखें. त्वचा से पसीना, गंदगी और फंगल स्पोर्स को हटाने के लिए दिन में कम से कम एक बार एंटीबैक्टीरियल या एंटी फंगल साबुन से नहाएं.

पैरों की अच्छे से देखभाल करें : मानसून के दौरान पैरों के इन्फेक्शन पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है. गीले मोजे या जूते पहनने से बचें. पैरों को सूखा रखें, खासकर उंगलियों के बीच. जिम या कॉमन शॉवर जैसी गीली सार्वजनिक जगहों पर नंगे पैर चलने से बचें.

अपनी निजी चीजें दूसरों के साथ शेयर न करें : तौलिए, कपड़े, जूते या ग्रूमिंग के सामान दूसरों के साथ शेयर न करें. फंगल स्पोर्स दूषित चीजों के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं, भले ही इन्फेक्शन साफ तौर पर दिखाई न दे रहा हो.

सही जूते-चप्पल पहनें : ऐसे जूते-चप्पल पहनें जो पैरों को गीलेपन से बचाएं और हवा आने-जाने दें. जब भी हो सके, सैंडल या आगे से खुले जूते पहनें जिनसे हवा अच्छी तरह आती-जाती रहे. इससे पैरों के आस-पास नमी जमा नहीं होती और फंगस नहीं पनपता.

अक्‍सर पूछे जाने वाले सवाल;

मानसून में फंगल इन्फेक्शन ज्यादा क्यों होता है?
गर्मी और नमी वाले वातावरण में फंगस तेजी से बढ़ते हैं. बारिश के मौसम में त्वचा और कपड़ों में नमी बनी रहती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

फंगल इन्फेक्शन के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
खुजली, लाल चकत्ते, जलन, पपड़ीदार त्वचा और त्वचा का रंग बदलना इसके सामान्य लक्षण हैं.

क्या गीले कपड़े पहनने से फंगल इन्फेक्शन हो सकता है?
हां, लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से त्वचा में नमी बढ़ती है, जिससे फंगस पनप सकते हैं.

फंगल इन्फेक्शन किन जगहों पर ज्यादा होता है?
बगल, जांघों के आसपास, पैरों की उंगलियों के बीच और त्वचा की सिलवटों में इसका खतरा ज्यादा होता है.

क्या फंगल इन्फेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है?
हां, तौलिया, कपड़े, जूते और अन्य निजी सामान साझा करने से संक्रमण फैल सकता है.

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