विज्ञापन

50 की उम्र के बाद हड्डियां रखें मजबूत, मेनॉपोज में स्ट्रैंथ ट्रेनिंग बनेगी ढाल

मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन लेवल कम होने लगती है, जिसकी वजह से हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है. यहां डॉक्टर से जानते हैं स्ट्रैंथ ट्रेनिंग कैसे बोौन लॉस के खतरे को कम करता है?

50 की उम्र के बाद हड्डियां रखें मजबूत, मेनॉपोज में स्ट्रैंथ ट्रेनिंग बनेगी ढाल
Menopause and Bone Health : मेनोपॉज के दौरान कमजोर होने लगती हैं हड्डियां

महिलाओं के शरीर में हार्मोन के कई उतार-चढ़ाव देने को मिलते हैं. इन्हीं उतार-चढ़ाव में मेनोपॉज भी शामिल है. ये उनके जीवन का एक स्वाभाविक स्टेप है, लेकिन इसके साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं. आमतौर पर लोग हॉट फ्लैशेज, नींद की समस्या और मूड स्विंग्स की बात करते हैं, लेकिन एक बड़ा असर हड्डियों की सेहत पर भी पड़ता है. जैसे-जैसे शरीर में ऑस्ट्रेजन हार्मोन का लेवल कम होता है, हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है. इ विषय की ज्यादा से ज्यादा जानकारी के लिए हमने सीके बिड़ला हॉस्पिटल के डायरेक्टर, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डॉ. पूजा मेहता से बातचीत की है. यहां डॉक्टर से जानते हैं कि स्ट्रैंथ ट्रेनिंग महिलाओं के लिए कैसे फायदेमंद हो सकते हैं?

एस्ट्रोजन कम होने से क्यों बढ़ता है बोन लॉस?

डॉ. मेहता बताती हैं कि एस्ट्रोजन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह नई हड्डियों के निर्माण और पुरानी हड्डियों के टूटने के बीच संतुलन बनाए रखता है. मेनोपॉज के दौरान जब एस्ट्रोजन का लेवल गिरता है, तब हड्डियों का लॉस भी तेजी से होने लगता है. उनका कहना है कि महिलाओं के मेनोपॉज के शुरुआती कुछ सालों में बोन डेंसिटी तेजी से कम हो सकती है. समस्या ये है कि हड्डियों के कमजोर होने के शुरुआती संकेत अक्सर दिखाई नहीं देते. कई बार महिलाओं को तब पता चलता है जब मामूली गिरावट के बाद भी फ्रैक्चर हो जाता है.

मेनोपॉज में स्ट्रैंथ ट्रेनिंग क्यों जरूरी है?

स्ट्रैंथ ट्रेनिंग या फिर रेजिस्टैंट एक्सरसाइझ सिर्फ मांसपेशियों को मजबूत नहीं बनाती, बल्कि हड्डियों के लिए भी फायदेमंद होती है. जब शरीर वजन उठाता है या प्रतिरोध के खिलाफ काम करता है, तो हड्डियों पर हल्का दबाव पड़ता है. इससे शरीर को हड्डियों को मजबूत बनाए रखने का संकेत मिलता है.

स्क्वैट्स, स्टेप-अप्स, रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज और वेट ट्रेनिंग जैसी एक्टिविटी बोन डेंसिटी को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं. साथ ही ये मांसपेशियों की ताकत बढ़ाती हैं, जिससे संतुलन बेहतर रहता है और गिरने का खतरा कम होता है.

स्ट्रैंथ ट्रेनिंग की कैसे करें शुरुआत?

डॉक्टर कहती हैं कि जो महिलाएं एक्सरसाइज की शुरुआत कर रही हैं, वे सप्ताह में दो दिन स्ट्रैंथ ट्रेनिंग से शुरुआत कर सकती हैं. चेयर स्क्वैट्स, वॉल पुश-अप्स और हल्के डंबल्स जैसे आसान विकल्प चुने जा सकते हैं. इसके साथ तेज चलना, सीढ़ियां चढ़ना और डांस जैसी वेट बेयरिंग एक्टिविटी भी हड्डियों के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं.

ये भी पढ़ें - मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं, जीवन का एक पड़ाव है, जानें कैसे रखें खुद का ख्याल

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Menopause, Menopause & Osteoporosis, Menopause & Skincare, Menopause Age, Menopause Age Calculator
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com