Can Grade 3 Fatty Liver Be Cured: आजकल के बदलते लाइफस्टाइल के कारण फैटी लिवर की समस्या काफी आम हो गई है, जंक फूड, कम फिजिकल एक्टिविटी, खराब नींद और बढ़ता तनाव ये सभी मिलकर लिवर पर असर डालते हैं. ऐसे में लोगों के मन में अक्सर यह सवाल आता है, क्या फैटी लिवर रिवर्स हो सकता है? अगर आप भी यही जानना चाहते हैं, तो इसे एक उदाहरण से समझते हैं.

एक 34 वर्षीय व्यक्ति का केस
एक व्यक्ति, जिसकी उम्र 34 वर्ष है, उसने कभी शराब नहीं पी, न ही स्मोकिंग की फिर भी उसे ग्रेड 3 नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डायग्नोज़ किया गया. उसका वजन 96 किलो था. वह हफ्ते में 2–3 दिन 20 मिनट की वॉक भी करता था, फिर भी फैटी लिवर क्यों
असली कारण:
यह सिर्फ लिवर की बीमारी नहीं, जांच में पता चला कि उसे इंसुलिन रेजिस्टेंस है, यहीं से कहानी बदलती है. फैटी लिवर केवल लिवर में फैट जमा होने की समस्या नहीं है, बल्कि यह एक मेटाबोलिक कंडीशन है,
- ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव
- खराब नींद
- बढ़ा हुआ स्ट्रेस हार्मोन
- कमजोर गट हेल्थ
- कम मसल मास
- बिगड़ा हुआ सर्कैडियन रिदम
ये सभी रोज लिवर को सिग्नल देते हैं, हीलिंग तब शुरू होती है जब ये सभी फाउंडेशन एक साथ सुधरते हैं. आप किसी एक अंग को अलग से ठीक नहीं कर सकते, जब तक पूरे सिस्टम को सपोर्ट न मिले.
ठीक होने के लिए क्या किया गया?
डाइट में बड़े बदलाव,
- कार्बोहाइड्रेट और चीनी बंद
- कार्बोहाइड्रेट के लिए चावल, बाजरा, आलू और शकरकंद
- साबुत अनाज सीमित मात्रा में
- प्लेट में प्रोटीन, सब्जियां और हेल्दी फैट पर फोकस
- रात का खाना अनाज रहित और प्रोटीन युक्त
- दूध और ग्लूटेन हटाए गए
- दही और छाछ पी सकते हैं
- पहले 3 हफ्ते फल बंद
- बाद में चुनिंदा फल धीरे-धीरे शामिल
- कच्ची और पकी रंगीन सब्जियों का अधिक सेवन
- सूरजमुखी तेल से सरसों तेल पर स्विच
- चावल की भूसी के तेल का रोटेशन
लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव
- रात का खाना 9:30 बजे की बजाय 6:30 बजे
- सुबह की धूप लेना जरूरी
- सांस लेने का व्यायाम और ध्यान
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
- कार्डियो
- अपनी पसंद का कोई खेल
परिणाम क्या मिला?
- 2 महीनों में,
- वजन कम हुआ
- नींद में सुधार
6 महीने बाद
- लिवर स्कैन पूरी तरह सामान्य
- फैटी लिवर समाप्त
- ट्राइग्लिसराइड: HDL अनुपात सामान्य
- कुल 9 किलो फैट लॉस
क्या ग्रेड 3 फैटी लिवर ठीक हो सकता है?
हां, सही दिशा में काम किया जाए तो ग्रेड 3 फैटी लिवर भी रिवर्स हो सकता है, जब शरीर का अंदरूनी माहौल सही होता है, तो लिवर खुद को रिपेयर करने की क्षमता रखता है, लेकिन ध्यान रहे यह तेज़ी से नहीं होता, बहुत ज्यादा एक्सट्रीम तरीके से नहीं होता. बल्कि धैर्य, समझदारी और बुनियादी इलाज के साथ होता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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