अमेरिका के टेक्सास ए एंड एम विश्वविद्यालय में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के भारतीय मूल के शोधकर्ता डॉ. अभिषेक जैन और उनकी टीम पर्सनल ड्रग टेस्टिंग के लिए एक वेसल-चिप टेक्नोलॉजी विकसित करने पर काम कर रही है. जैन की प्रयोगशाला में डॉ. तन्मय माथुर भी शामिल हैं. इसे बड़े पैमाने पर दवा परीक्षण के लिए एडवांस वेसल चिप टेक्नोलॉजी का विकास जारी रखने के लिए टेक्सास ए एंड एम इनोवेशन से अनुदान प्राप्त हुआ.
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शोधकर्ता के अनुसार इस प्रणाली से आप वीनस, वैस्कुलर और हेमेटोलॉजिकल डिजीज के बारे में तुरंत क्लिकल ट्रायल शुरू कर सकते हैं और जान सकते हैं कि मानव पर इसका क्या परिणाम हो सकता है.
उन्होंने विश्वविद्यालय के एक बयान में कहा, "आप अपने क्लिकल ट्रायल को बेहतर बना सकते हैं या क्लिकल ट्रायल की अवधि को कम करके उन्हें और ज्यादा कुशल बना सकते हैं."
जैन और उनकी प्रयोगशाला ने अपने शोध प्रयासों को खून और लसीका वेसल-चिप बनाने पर केंद्रित किया है. वेसल-चिप एक टिशू -इंजीनियर्ड माइक्रोफ्लुइडिक डिवाइस है, जो व्यक्तिगत ड्रग टेस्ट की पेशकश कर सकती है. वेसल-चिप में माइक्रोस्कोपिक चेंबर्स होते हैं, जिनमें वैस्कुलर सिस्टम होता है, जो मानव सर्कुलेटिंग सिस्टम की नकल करती है. इसके साथ यह प्रीक्लिनिकल दवा खोज के लिए एक मंच प्रदान करते हैं.
जैन ने कहा, "टीआईएफ द्वारा दी गई गति ने उन्हें स्टार्टअप को सफल बनाने में मदद करने के लिए पूर्व स्नातक छात्र डॉ. तन्मय माथुर को नियुक्त करने में सक्षम बनाया"
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