सोना, चांदी, तांबा और लोहा जैसी धातुओं का उपयोग प्राचीन काल से ही भारतीय चिकित्सा पद्धतियों में किया जा रहा है और अब वैज्ञानिक शोध ने इसके स्वास्थ्य लाभों को प्रमाणित किया है. रिसर्च में बताया गया है कि इन धातुओं को आयुर्वेद में रसायन के रूप में उपयोग किया जाता है, जो शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और सामान्य स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद करते हैं. आयुर्वेद में इन धातुओं का उपयोग विशेष रूप से सामग्री का संशोधन प्राकृतिक तत्वों के प्रोसेसिंग के माध्यम से किया जाता है, ताकि ये शरीर के लिए ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित हो सकें.
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रिसर्च में क्या सामने आया?
सोने की बात करें तो एनआईएच (नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन) जर्नल में छपे शोध पत्र के मुताबिक अपने मूल रूप में सोने को सदियों से खुजली वाली हथेलियों से राहत दिलाने के लिए एक एंटी-प्रुरिटिक एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है. 1980 में रॉबर्ट कोच ने देखा कि सोना इन विट्रो में माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस को रोकता है. इससे गठिया और ल्यूपस एरिथेमेटोसस पर परीक्षण हुए.
सोना, चांदी और तांबा का उपयोग
सोने का उपयोग मानसिक शांति और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है. यह शरीर के भीतर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने और वृद्धावस्था के प्रभावों को कम करने में मदद करता है.
चांदी का उपयोग शरीर को ठंडक प्रदान करने, बुखार और त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है. यह शरीर के भीतर टॉक्सिन्स को निकालने में भी सहायक है.
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तांबा आयुर्वेद में खासतौर से पाचन क्रिया को सुधारने, टॉक्सिन्स को निकालने और शरीर की रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है. लोहे का उपयोग खून की कमी (एनीमिया) को दूर करने के लिए किया जाता है. यह शरीर में लाल रक्त कणों को बढ़ाने और एनर्जी लेवल को बढ़ाने में मदद करता है.
शोध में पाया गया है कि इन धातुओं का उपयोग बहुत ज्यादा सावधानी से किया जाना चाहिए, क्योंकि इनका ज्यादा सेवन शरीर में टॉक्सिन्स का कारण बन सकता है. इसलिए, आयुर्वेद में इन धातुओं का उपयोग खासतौर से पारंपरिक प्रक्रियाओं के तहत किया जाता है, ताकि उनकी प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके और किसी भी प्रकार की हानिकारक प्रतिक्रिया से बचा जा सके.
इन धातुओं का सही तरीके से आयुर्वेदिक उपचार में उपयोग करने से शरीर में संतुलन स्थापित होता है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है. लेकिन, इनके उपयोग से पहले आयुर्वेदाचार्य से सलाह लेना जरूरी होता है.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं