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सिर्फ मास्क नहीं, अंदर से ताकत चाहिए! प्रदूषण से बचने के आयुष मंत्रालय के देसी फॉर्मूले

Ayush Pollution Remedies: आयुष मंत्रालय ने लोगों को आयुर्वेद बेस्ड सरल और घरेलू उपाय अपनाने की सलाह दी है. मंत्रालय के अनुसार, अगर डेली रूटीन में कुछ छोटे-छोटे बदलाव कर लिए जाएं, तो प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है.

सिर्फ मास्क नहीं, अंदर से ताकत चाहिए! प्रदूषण से बचने के आयुष मंत्रालय के देसी फॉर्मूले
आयुष मंत्रालय ने लोगों को आयुर्वेद बेस्ड सरल और घरेलू उपाय अपनाने की सलाह दी है.

Ayush Pollution Remedies: देश के कई बड़े शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरण की समस्या नहीं रहा, बल्कि यह सीधे लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है. सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, खांसी, एलर्जी और बार-बार बीमार पड़ना, ये सभी प्रदूषण के आम दुष्परिणाम बन चुके हैं. ऐसे में सिर्फ मास्क पहन लेना या घर से बाहर निकलना कम कर देना ही काफी नहीं है. शरीर को अंदर से मजबूत बनाना और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है.

इसी बात पर जोर देते हुए आयुष मंत्रालय ने लोगों को आयुर्वेद बेस्ड सरल और घरेलू उपाय अपनाने की सलाह दी है. मंत्रालय के अनुसार, अगर डेली रूटीन में कुछ छोटे-छोटे बदलाव कर लिए जाएं, तो प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से काफी हद तक बचा जा सकता है.

प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों से बचने के उपाय | Measures to Avoid the Harmful Effects of Pollution

कैसा होना चाहिए खानपान?

सबसे पहले बात करते हैं खानपान की. आयुर्वेद में हमेशा मौसमी और स्थानीय फल-सब्जियों को सबसे बेहतर माना गया है. सर्दियों के मौसम में संतरा, अमरूद, गाजर, पालक, मूली, शलगम और हरी पत्तेदार सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट देती हैं. ये न सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाती हैं, बल्कि फेफड़ों को भी मजबूत बनाती हैं.

औषधीय जड़ी-बूटियां-

इसके साथ ही कुछ औषधीय जड़ी-बूटियां रोजाना लेना भी फायदेमंद है. अदरक, पिप्पली, हरड़ और बहेड़ा ये चारों मिलकर इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और सांस की नली को साफ रखने में मदद करते हैं. इन्हें चूर्ण के रूप में या फिर चाय में मिलाकर आसानी से लिया जा सकता है.

घरेलू ड्रिंक्स का सेवन-

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, गुनगुना पानी पीना भी बेहद जरूरी है. अगर इसमें नींबू, शहद या तुलसी की कुछ पत्तियां मिला ली जाएं, तो इसका असर और बढ़ जाता है. इसके अलावा दिन में 2-3 बार हर्बल काढ़ा पीना प्रदूषण से होने वाली खांसी, गले की खराश और सर्दी-जुकाम से बचाव करता है. यह काढ़ा तुलसी, अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और गुड़ से आसानी से तैयार किया जा सकता है.

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भोजन ताजा और गर्म खाएं

भोजन को लेकर एक जरूरी सलाह यह भी है कि हमेशा ताजा और गर्म खाना खाएं. ठंडा या बासी भोजन पाचन को कमजोर करता है और इम्यूनिटी पर बुरा असर डालता है. रोजाना घी, दूध, गुड़ और सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश का सेवन शरीर को पोषण देता है और सूजन को कम करने में मदद करता है.

इन सभी उपायों के साथ रेगुलर एक्सरसाइज, प्राणायाम और पूरी नींद भी बहुत जरूरी है. अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है या वह दवाइयां ले रहा है, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या वैद्य की सलाह जरूर लें. सही रूटीन और आयुर्वेदिक उपाय मिलकर प्रदूषण के इस दौर में आपकी सेहत की मजबूत ढाल बन सकते हैं.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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