Common Myths About Dementia: मस्तिष्क की कोशिकाएं किसी भी वजह से क्षतिग्रस्त हो जाएं तो डिमेंशिया हो सकता है. ऐसा होने से मस्तिष्क कोशिकाओं की एक दूसरे के साथ संवाद करने की क्षमता पर असर पड़ता है. इसे हम इस तरह भी समझ सकते हैं कि हमारे मस्तिष्क के कई अलग-अलग हिस्से होते हैं और प्रत्येक भाग अलग-अलग काम करता है. जब किसी खास क्षेत्र की कोशिकाओं क्षतिग्रस्त हो जाएं तो वह क्षेत्र सामान्य रूप से अपने कार्यों को पूरा नहीं कर पाता है. इसके साथ ही डिमेंशिया सिर पर लगी चोट या स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर या एचआईवी संक्रमण के कारण भी हो सकता है.
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज
डिमेंशिया से जुड़े से सात मिथक | Myths about Dementia, Alzheimer's and Memory Loss
Dementia यानी मनोभ्रंश के बारे में सबसे आम मिथकों में से एक यह है कि यह एक खास तरह की बीमारी है. दरअसल, मनोभ्रंश कोई बीमारी नहीं है बल्कि ये एक स्थिति है. डिमेंशिया के मुख्य लक्षण याद करने की क्षमता की क्षति होना, रोज के नियमित कामों को भी भूल जाना, छोटी-छोटी परेशानियों को भी न सुलझा पाना, अचानक से व्यक्तित्व में बदलाव आना, चित्र देख कर उस वस्तु को पहचान न पाना आदि हैं.
मनोभ्रंश के बारे में एक और आम मिथक यह है कि यह अल्जाइमर रोग के समान ही है. दरअसल, अल्जाइमर रोग सबसे आम प्रकार का मनोभ्रंश है, लेकिन अन्य प्रकार के मनोभ्रंश भी हैं जैसे: संवहनी मनोभ्रंश, लेवी शरीर मनोभ्रंश, फ्रंटो-टेम्पोरल मनोभ्रंश और मिश्रित मनोभ्रंश.
Health Benefits Tulsi Plant: ठंड में तुलसी है बेहद गुणकारी, नियमित सेवन से होंगे ये कमाल के फायदे
डिमेंशिया से संबंधित 7 मिथक
- ऐसा नहीं है कि उम्र बढ़ने के साथ डिमेंशिया होता ही है, ये बढ़ती उम्र का स्वाभाविक हिस्सा नहीं है.
- स्मृति हानि का अनुभव करने का मतलब यह नहीं है कि आपको डिमेंशिया है. भूलने की परेशानी उम्र बढ़ने का एक स्वाभाविक हिस्सा है, डिमेंशिया नहीं.
- ये भी एक मिथक है कि डिमेंशिया केवल वृद्धों को होता है. डिमेंशिया हमेशा वृद्ध लोगों को प्रभावित नहीं करता है. कभी-कभी मीड एज वालों को भी यह परेशानी हो सकती है, इसे यंग ऑनसेट डिमेंशिया कहा जाता है.
- यह मानना कि मनोभ्रंश वाले लोग यह नहीं समझ सकते कि उनके आसपास क्या हो रहा है, गलत है.
- मनोभ्रंश पारिवारिक आनुवंशिकी के कारण नहीं होता है. हालांकि इस स्थिति के कुछ रूपों में एक आनुवंशिक घटक जरूर होता है.
- मनोभ्रंश के लिए धूम्रपान एक प्रमुख जोखिम कारक है लेकिन यह खुद इस स्थिति का कारण नहीं बनता है.
- ये एक मिथक है कि विटामिन के सेवन से डिमेंशिया का जोखिम कम हो सकता है. इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि कोई भी विटामिन या मिनरल मनोभ्रंश के जोखिम को कम कर सकते हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं