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हिमाचल सरकार ने 2 IAS अधिकारियों का किया तबादला, डिजिटल जनगणना की तारीखें भी घोषित

हिमाचल प्रदेश सरकार ने IAS आर सेल्वम और नवीन तंवर का तत्काल प्रभाव से तबादला करते हुए नई नियुक्तियां दी हैं. इसके अलावा, राज्य सरकार ने 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना का शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिसके तहत गलत जानकारी देने या प्रक्रिया में बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल और जुर्माने का सख्त प्रावधान है.

हिमाचल सरकार ने 2 IAS अधिकारियों का किया तबादला, डिजिटल जनगणना की तारीखें भी घोषित
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने आज दो बड़े फैसले लिए हैं.
IANS

Shimla News: हिमाचल प्रदेश सररकार ने शनिवार को दो बड़े फैसले किए हैं. एक तरफ जहां राज्य सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले (IAS Transfer) के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ जनगणना 2027 को लेकर भी बड़ा रोडमैप तैयार कर लिया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाली जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में संपन्न होगी.

इनको अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी

कार्मिक विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर और राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह निर्णय लिया गया है. इस फेरबदल के तहत आर. सेल्वम, जो अब तक पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे, उन्हें वित्तीय आयुक्त (अपील) के महत्वपूर्ण पद पर तैनाती दी गई है. वे आईएएस अधिकारी कमलेश कुमार पंत की जगह लेंगे, जिन्हें इस प्रभार से मुक्त कर दिया गया है. इसी क्रम में, नवीन तंवर को विशेष सचिव (युवा सेवाएं और खेल) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है.

16 जून से शुरू होगा प्रथम चरण

हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारी पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी. सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक, राज्य में जनगणना का काम दो चरणों में संपन्न किया जाएगा, जिसकी शुरुआत 2026 के मध्य में ही हो जाएगी. सरकार ने इसके लिए पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का कार्य 16 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 के बीच किया जाएगा. इस दौरान आवास की स्थिति, वहां मौजूद सुविधाओं और संपत्तियों का पूरा ब्योरा डिजिटल तरीके से दर्ज होगा. इसके साथ ही, आम लोगों को 15 दिन का एक विशेष विंडो दिया जाएगा, जिसमें वे खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे.

बर्फीले इलाकों के लिए विशेष रणनीति

जनगणना की मुख्य प्रक्रिया यानी द्वितीय चरण फरवरी 2027 में संचालित की जाएगी. हालांकि, हिमाचल के भौगोलिक हालातों को देखते हुए सरकार ने विशेष सावधानी बरती है. राज्य के दुर्गम और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में मौसम की मार से बचने के लिए जनगणना का कार्य तय समय से पहले ही सितंबर 2026 में निपटा लिया जाएगा. इससे पहाड़ों पर होने वाली दिक्कतों और पहुंच की बाधाओं को आसानी से पार किया जा सकेगा और समय रहते सभी आंकड़े एकत्र किए जा सकेंगे.

नियम तोड़े तो होगी जेल और जुर्माना

सरकार ने जनगणना प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या बाधा को बर्दाश्त न करने का फैसला किया है. जनगणना अधिनियम, 1948 के कड़े प्रावधानों को लागू किया गया है. यदि कोई नागरिक जनगणना अधिकारियों के काम में रुकावट पैदा करता है या जानबूझकर गलत जानकारी देता है, तो उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. ऐसे उल्लंघन के लिए दोषी व्यक्ति पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और तीन साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है. सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे डेटा कलेक्शन में पूरी पारदर्शिता बरतें और सही जानकारी साझा करें.

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