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अब Flipkart पर मिलेंगे कैदियों के बनाए शानदार प्रोडक्ट्स, सीधे कैदियों की जेब में जाएगी कमाई

Himachal News: जेल की चारदीवारी अब हुनर के आड़े नहीं आएगी. हिमाचल प्रदेश के कैदियों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प, कपड़े और फर्नीचर अब आपके घर की शोभा बढ़ाएंगे, वो भी बस एक क्लिक पर.

अब Flipkart पर मिलेंगे कैदियों के बनाए शानदार प्रोडक्ट्स, सीधे कैदियों की जेब में जाएगी कमाई
कैदियों के बनाए सामान अब आप ऑनलाइन ऑर्डर कर घर मंगवा सकते हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Shimla News: हिमाचल प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के हुनर को अब दुनिया के सामने लाने की बड़ी तैयारी हो चुकी है. राज्य जेल विभाग और ऑनलाइन रिटेलर फ्लिपकार्ट (Flipkart) के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस नई पहल के तहत अब कैदियों के बनाए हस्तशिल्प (Handicrafts), हाथ से बने कपड़े, फर्नीचर और अन्य सामान फ्लिपकार्ट के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे.

हिमकारा उन्नयन समिति और फ्लिपकार्ट का हाथ

हिमाचल प्रदेश जेल और सुधार सेवा विभाग के तहत काम करने वाली हिमकारा उन्नयन समिति ने फ्लिपकार्ट के साथ यह करार किया है. इस समझौते के तहत फ्लिपकार्ट केवल बाजार ही उपलब्ध नहीं कराएगा, बल्कि सामान की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स में भी पूरा सहयोग देगा. इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैदियों के बनाए उत्पाद बाजार के मानकों पर खरे उतरें और अन्य प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स के मुकाबले बेहतर साबित हों.

सीधे कैदियों की जेब में जाएगी कमाई

इस पहल की सबसे बड़ी खासियत इसका आर्थिक पहलू है. ऑनलाइन सेल से होने वाली पूरी कमाई सीधे तौर पर कैदियों को मिलेगी. इससे न केवल उनकी वर्तमान आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा. हिमाचल प्रदेश के जेल और सुधार सेवा महानिदेशक अभिषेक त्रिवेदी ने बताया कि यह कदम कैदियों को रिहाई के बाद समाज की मुख्यधारा में वापस लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा.

बाजार की जरूरतों के हिसाब से मिलेगी ट्रेनिंग

जेल विभाग कैदियों के कौशल विकास (Skill Development) पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. कैदियों को वर्तमान बाजार की जरूरतों के अनुसार आधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे वे नए हुनर सीख सकेंगे और सजा पूरी होने के बाद जब वे जेल से बाहर निकलेंगे, तो उनके पास स्वरोजगार (Self-employment) के बेहतर अवसर होंगे. यह रणनीति उन्हें समाज का एक जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने की दिशा में काम करेगी.

हिमाचल की जेलों का वर्तमान ढांचा

मौजूदा समय में हिमाचल प्रदेश की जेलों में करीब 3,000 कैदी बंद हैं. इन कैदियों में से 1,000 सजायाफ्ता हैं, जबकि 2,000 विचाराधीन कैदी हैं. विभाग का मानना है कि यह पहल इन हजारों लोगों की जिंदगी में उम्मीद की नई किरण लेकर आएगी. इस सरकारी बयान के अनुसार, जेल प्रशासन का यह कदम कैदियों के पुनर्वास और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक फैसला है.

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