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समुद्री पानी से निकाला ‘चमकता बैक्टीरिया’, वडोदरा के छात्रों का कमाल, 11 महीने की रिसर्च से मिली वैज्ञानिक उपलब्धि 

Bioluminescent bacteria in sea water: यह शोध कार्य प्रोफेसर देवर्षि गज्जर और डॉ. प्रिया जिष्णु के मार्गदर्शन में पूरा किया गया. छात्रों ने रत्नागिरी क्षेत्र से समुद्री पानी के नमूने एकत्र किए और उनमें मौजूद सूक्ष्म जीवों का गहन अध्ययन किया. करीब 11 महीनों की मेहनत के बाद सफलता मिली.

समुद्री पानी से निकाला ‘चमकता बैक्टीरिया’, वडोदरा के छात्रों का कमाल, 11 महीने की रिसर्च से मिली वैज्ञानिक उपलब्धि 
Vadodara students discover bioluminescent bacteria in sea water

Vadodara students discover bioluminescent bacteria in sea water: वडोदरा के महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से संबद्ध एमके अमीन कॉलेज के छात्रों ने विज्ञान के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. बीएससी माइक्रोबायोलॉजी के छात्र अर्णव ढमढेरे और हरिओम पाठक ने समुद्री पानी से बायोल्यूमिनेसेंट बैक्टीरिया की सफल खोज कर नई दिशा में कदम बढ़ाया है. ये विशेष प्रकार के बैक्टीरिया अंधेरे में प्राकृतिक रूप से प्रकाश उत्पन्न करने की क्षमता रखते हैं, जो वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं.

11 महीने की मेहनत से मिली सफलता 

यह शोध कार्य प्रोफेसर देवर्षि गज्जर और डॉ. प्रिया जिष्णु के मार्गदर्शन में पूरा किया गया. छात्रों ने रत्नागिरी क्षेत्र से समुद्री पानी के नमूने एकत्र किए और उनमें मौजूद सूक्ष्म जीवों का गहन अध्ययन किया. इसके बाद प्रयोगशाला में बैक्टीरिया का पृथक्करण (isolation) कर उनकी विशेषताओं का विश्लेषण किया गया. करीब 11 महीनों की लगातार मेहनत, सटीक प्रयोगशाला प्रक्रियाओं और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के चलते यह सफलता संभव हो सकी. छात्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन निरंतर प्रयास और मार्गदर्शकों के सहयोग से उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल किया.

Vadodara students discover bioluminescent bacteria in sea water: 

Vadodara students discover bioluminescent bacteria in sea water: 

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बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल रिसर्च में संभावनाएं 

विशेषज्ञों के अनुसार, बायोल्यूमिनेसेंट बैक्टीरिया का उपयोग भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण की जांच और बायो-इंडिकेटर के रूप में किया जा सकता है. इसके अलावा बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल रिसर्च में भी इसकी संभावनाएं व्यापक हैं. यह उपलब्धि न केवल एमके अमीन कॉलेज, बल्कि पूरे वडोदरा शहर के लिए गर्व का विषय बन गई है. साथ ही, यह युवा छात्रों के लिए प्रेरणा का एक मजबूत उदाहरण भी प्रस्तुत करती है कि समर्पण और वैज्ञानिक सोच के जरिए बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं. 

Vadodara students discover bioluminescent bacteria in sea water: 

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