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अहमदाबाद: डोसा खाकर मौत मामले में नया मोड़... पुलिस को आत्महत्या का शक, आज पिता से होगी पूछताछ

चांदखेड़ा में दो मासूम बहनों की मौत के मामले में जांच ने नया मोड़ लिया है. अहमदाबाद पुलिस को अब फूड पॉइजनिंग नहीं, बल्कि माता‑पिता द्वारा आत्महत्या की कोशिश का शक है. बयानों में विरोधाभास के बाद पिता से आज पूछताछ होगी, जबकि जांच FSL रिपोर्ट पर टिकी है.

अहमदाबाद: डोसा खाकर मौत मामले में नया मोड़... पुलिस को आत्महत्या का शक, आज पिता से होगी पूछताछ
अहमदाबाद:

अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में दो मासूम बहनों की रहस्यमयी मौत के मामले में जांच ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. शुरुआत में जिस मामले को डोसा बैटर से हुई फूड पॉइजनिंग माना जा रहा था, अब अहमदाबाद पुलिस को आशंका है कि यह माता‑पिता द्वारा किया गया योजनाबद्ध आत्महत्या प्रयास हो सकता है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृत बच्चियों के माता‑पिता विमल और भावना प्रजापति के बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आने के बाद यह नया एंगल उभरा है. दोनों अपने अस्पताल में इलाज के दौरान घटना के समय, भोजन की मात्रा और परिस्थितियों को लेकर बार‑बार बयान बदलते रहे, जिससे संदेह और गहरा गया.

आज पूछताछ के लिए बुलाए जाएंगे पिता

पिता विमल प्रजापति को आज केडी अस्पताल से डिस्चार्ज किए जाने की संभावना है. इसके तुरंत बाद उन्हें चांदखेड़ा पुलिस पूछताछ के लिए ले जाएगी. पुलिस खास तौर पर इस बात को लेकर सवाल कर रही है कि तीन महीने की नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार 4 अप्रैल को चुपचाप क्यों किया गया, और इसकी सूचना पुलिस को तब दी गई, जब एक दिन बाद दूसरी बेटी की भी मौत हो गई.

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फूड पॉइजनिंग थ्योरी कमजोर

जांच अधिकारियों का कहना है कि जिस डेयरी से डोसा का बैटर खरीदा गया था, उसी बैच को 200 से ज्यादा लोगों ने इस्तेमाल किया, लेकिन किसी अन्य के बीमार होने की कोई शिकायत सामने नहीं आई. इससे फूड पॉइजनिंग की थ्योरी कमजोर पड़ रही है.

नवजात की मौत ने बढ़ाया शक

फोरेंसिक विशेषज्ञों को इस बात ने भी हैरान किया है कि केवल स्तनपान पर निर्भर नवजात की इतनी तेजी से मौत कैसे हो गई, जबकि मां की हालत जानलेवा नहीं थी. इससे पुलिस को शक है कि कोई जहरीला पदार्थ जानबूझकर दिया गया हो सकता है, न कि भोजन के जरिए.

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FSL रिपोर्ट पर टिकी जांच

हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. पूरा मामला अब फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट पर टिका है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'FSL रिपोर्ट ही तय करेगी कि बच्चों के शरीर में मिले जहरीले तत्व घर से बरामद सामग्री या डोसा बैटर से मेल खाते हैं या किसी अलग गैर‑खाद्य पदार्थ से.'

पूछताछ अहम कड़ी

जब तक वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने नहीं आती, पुलिस परिवार पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों का मानना है कि पिता की आज की पूछताछ इस रहस्य को सुलझाने में सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है. तीन साल की मिश्री और तीन महीने की राहा की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. सच क्या है- दुर्घटना, साजिश या आत्मघाती कदम. इसका जवाब अब जांच और FSL रिपोर्ट पर निर्भर है.

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