भारतीय किसान संघ का दावा, उसकी कोशिशों से ही ये भंडाफोड़ हुआ
नई दिल्ली:
देश भर में जीएम खाद्य फसलों को उगाने पर पाबंदी है लेकिन गुजरात के अरवली जिले में पिछले दिनों जीएम सोया की फसल उगाते किसान पकड़े गये. पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है लेकिन जेनिटिकली मॉडिफाइड फसलों को हरी झंडी देने वाली केंद्र सरकार की कमेटी इस पर चुप है. गुजरात में अरवली जिले की मोडासा तहसील में पुलिस ने दिवाली के दिन जीएम सोया सील की. यह जेनिटिकली मोडिफाइड यानी जीएम सोया थी, जिसे उगाना गैरकानूनी है. किसानों का कहना है कि पैदावार अच्छी हुई और जिसने लोगों को जीएम सोया के बीज दिये उसने 4 गुना कीमत तक देने का वादा किया था. इस मामले में पुलिस ने दो किसानों और दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है. लेकिन सवाल यह है कि प्रतिबंधित जीएम फसल खेतों में उगने के लिये कैसे पहुंच गई. संघ परिवार से जुड़े किसान संगठन भारतीय किसान संघ का कहना है कि उसकी कोशिशों से ही ये भंडाफोड़ हुआ है.
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भारतीय किसान संघ के महामंत्री बद्री नारायण ने एनडीटीवी इंडिया से कहा, "हमें पता चला कि भोडासा तहसील में कुछ गांवों में किसानों की सोया की फसल 4 गुना कीमत में खरीदी गई है. हमने सोचा कि ये कौन सी फसल है जिसे 4 गुना कीमत में खरीदा जा रहा है. फिर इस मामले का भंडाफोड़ हुआ और पुलिस ने कार्रवाई की." किसान संघ ने ये दावा भी किया कि प्रयोगशाला में हुई जांच में ये सोया जीएम ही पाई गई है जो प्रतिबंधित है.
VIDEO - अरवली में जीएम सोया की अवैध खेती
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किसी भी खाद्य फसल को उगाने की इजाजत अभी नहीं है. जीएम सोया से पहले जीएम सरसों और बीटी बैंगन को लेकिन विवाद हो चुका है. बीटी कॉटन अकेली अखाद्य फसल है जिसे भारत में खेतों में उगाया जाता है. जीएम फसल के बीज बेचने वाली कंपनियां दावा करती हैं कि इनमें कीड़ा नहीं लगता और पैदावार अच्छी होती है. लेकिन कई संगठनों का कहना है कि जीएम आया तो वह देसी बीजों को खत्म कर देगा और इससे लोगों की सेहत पर बुरा असर होगा. किसान संगठन का कहना है गुजरात में गैरकानूनी खेती के भंडाफोड़ के बाद उसकी शिकायत पर सरकार कुछ नहीं कर रही.
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