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This Article is From Aug 18, 2017

गुजरात में स्वाइन फ्लू से अब तक 230 लोगों की मौत, राज्य ने केंद्र सरकार से मांगी मदद

गुजरात में इस साल एच1एन1 वायरस से संक्रमित होकर मरनेवालों की संख्या 230 पहुंच चुकी है.

गुजरात में स्वाइन फ्लू से अब तक 230 लोगों की मौत, राज्य ने केंद्र सरकार से मांगी मदद
प्रतीकात्मक फोटो.
  • गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने चार प्रमुख अस्पतालों का किया दौरा
  • रूपाणी ने केंद्र से मेडिकल विशेषज्ञों की टीम भेजने का किया आग्रह
  • 2,100 स्वाइन फ्लू के मामले राज्य में अब तक दर्ज किए गए हैं
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वडोदरा/ अहमदाबाद: गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य में स्वाइन फ्लू की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए राज्य के चार प्रमुख शहरों के सिविल अस्पतालों का निरीक्षण किया. यहां इस साल एच1एन1 वायरस से संक्रमित होकर मरनेवालों की संख्या 230 पहुंच चुकी है. वडोदरा में अस्पताल का निरीक्षण करते हुए रूपाणी ने कहा कि इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए उचित कदम बताने के लिए उन्होंने केंद्र से मेडिकल विशेषज्ञों की एक टीम राज्य में भेजने का आग्रह किया है.

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मुख्यमंत्री ने चार अस्पतालों का किया दौरा
रूपाणी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शंकर चौधरी के साथ मिलकर संबंधित प्रशासन द्वारा स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी पाने के लिए सूरत, राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद के सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया. वडोदरा में सियाजीराव जनरल अस्पताल का निरीक्षण करने के दौरान रूपाणी ने बताया,  स्वाइन फ्लू की वजह से 200 से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं. इसके 2,100 पॉजिटिव मामले राज्य में अब तक दर्ज किए गए हैं. इनमें से 1,200 मामले वडोदरा, सूरत, अहमदाबाद और राजकोट के हैं. 

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VIDEO:  गुजरात में स्वाइन फ्लू का कहर, अब तक 230 लोगों की जान गई



बनाए गए हैं अलग वार्ड
उन्होंने बताया कि राज्य के अस्पताल वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलिंडर से लैस हैं तथा दवाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. सरकारी अस्पतालों में इसके लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं. हालांकि इन सारे कदमों के बावजूद भी केंद्र को इस बीमारी के प्रसार को रोकने के तरीके बताने के लिए राज्य में टीम भेजने का आग्रह किया गया है. रूपाणी ने संवाददाताओं को बताया कि टेमीफ्लू सभी सरकारी अस्पतालों में प्रचुर मात्रा में नि:शुल्क उपलब्ध है. निजी अस्पतालों के मरीजों को भी स्वाइन फ्लू का इलाज मुफ्त में दिया जा रहा है.

 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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