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FIFA World Cup, Success Story: जिस नवजात बच्चे को मेसी ने गोद में खिलाया, हाथों से नहलाया, वह बन गया उनका उत्तराधिकारी

Remarkable Story Lamine Yamal: लामिन यमाल 2026 FIFA वर्ल्ड कप की सबसे दिलचस्प कहानियों में से एक बन गए हैं. फुटबॉल जगत को लामिन यमाल के रूप में एक नया सितार मिल गया है, जिसे मेसी का उत्तराधिकारी माना जा रहा है.

FIFA World Cup, Success Story: जिस नवजात बच्चे को मेसी ने गोद में खिलाया, हाथों से नहलाया, वह बन गया उनका उत्तराधिकारी
Lamine Yamal: फुटबॉल जगत को लामिन यमाल के रूप में नया सितार मिल गया है

Success Story Of Lamine Yamal: महान खिलाड़ी जन्म से नहीं बनते, वे संघर्ष, धैर्य और निरंतर मेहनत से बनते हैं.... इसका उदाहरण स्पेन के युवा सुपरस्टार लामिन यामल हैं, जो 2026 FIFA वर्ल्ड कप की सबसे दिलचस्प कहानियों में से एक बन गए हैं. इस असाधारण युवा खिलाड़ी ने सबसे पहले यूरो 2024 में स्पेन की जीत के दौरान दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था, जहां 17 साल के होने के ठीक एक दिन बाद ही उन्हें 'यंग प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' का सम्मान मिला था. अब 18 साल के हो चुके FC बार्सिलोना के इस फॉरवर्ड खिलाड़ी का नॉर्थ अमेरिका में वर्ल्ड स्टेज पर तेजी से आगे बढ़ने का सफर जारी है.  यमाल ने सऊदी अरब के ख़िलाफ ग्रुप-स्टेज में 4-0 से मिली जीत के दौरान अपने करियर का पहला वर्ल्ड कप गोल किया और इसके बाद ऑस्ट्रिया के ख़िलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए राउंड ऑफ़ 32 में 'मैन ऑफ़ द मैच' का सम्मान हासिल किया और अब उनकी टीम सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ मैच खेलकर इतिहास रचने के कगार पर है.

 यह उस खिलाड़ी के करियर का नया अध्याय है जिसने लगातार कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, जिनमें बार्सिलोना के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले और स्पेन के लिए सबसे कम उम्र में गोल करने वाले खिलाड़ी बनना शामिल है

किस्मत भी अजीब चीज है

मटारो के साधारण से इलाके रोकाफोंडा में पले-बढ़े इस खिलाड़ी को 2007 के एक चैरिटी फोटोशूट के दौरान लियोनेल मेसी ने नहलाया था, जो काफी चर्चा में रहा था.  बाद में उन्होंने बार्सिलोना के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने और स्पेन के लिए सबसे कम उम्र में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया.

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नाम के पीछे का अर्थ

फ़ुटबॉल फ़ैन्स उन्हें सिर्फ़ लामिन यामल के नाम से जानते हैं, लेकिन उनके इन नामों का गहरा निजी मतलब है. उनका पूरा नाम लामिन यामल नसराउई एबाना है, जिसमें लामिन और यामल दो अलग-अलग फ़र्स्ट नेम हैं. अरबी भाषा में लामिन का मतलब है "भरोसेमंद," जबकि यामल का अर्थ है "खूबसूरती."

आर्थिक तंगी में बिता बचपन, पड़ोसियों की मदद से आगे बढ़े

कैटालोनिया में उनके जन्म से पहले के महीनों में, यामल का परिवार भारी आर्थिक तंगी और भविष्य के अनिश्चितता से गुज़र रहा था. इस मुश्किल दौर में, दो स्थानीय पड़ोसियों ने आगे बढ़कर परिवार की आर्थिक मदद की ताकि वे मुश्किल समय से उबर सकें. उनके माता-पिता ने ये नाम उन दो लोगों के सम्मान में रखे, जिन्होंने उनके जन्म से पहले के महीनों में परिवार को ज़रूरी भावनात्मक और आर्थिक सहारा दिया था.

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बचपन में मेसी से मुलाक़ात और बदल गई किस्मत

मेसी के साथ एक ही ट्रेनिंग कैंप में खिलाड़ी के तौर पर बड़े होना ही उनका एकमात्र कनेक्शन नहीं है, दरअसल, 2007 में, स्थानीय अख़बार 'डायरियो स्पोर्ट' और यूनिसेफ़ ने मटारो में एक चैरिटी रैफ़ल का आयोजन किया. यमाल के परिवार ने रैफल जीता और उन्हें एक कैलेंडर फोटोशूट में शामिल होने का मौका मिला. इस फोटोशूट में 20 साल के लियोनेल मेसी, कैंप नोउ के ड्रेसिंग रूम में प्लास्टिक के बेबी बाथटब में 6 महीने के यमाल को गोद में लिए हुए नजर आए. सालों बाद ये तस्वीरें वायरल हुईं और ऐसा लगा जैसे यह भविष्य का संकेत था.

रोकाफोंडा में पले-बढ़े , तंग गलियों में फुटबॉल खेलकर आगे बढ़े

यमाल का जन्म और पालन-पोषण बार्सिलोना, कैटेलोनिया के रोकाफोंडा इलाके में हुआ था, जो देश के सबसे गरीब इलाकों में से एक है. अपने इलाके के सम्मान में, जीत का जश्न मनाने के लिए वे अपनी उंगलियों से '3-0-4' का इशारा करते हैं, जो उनके पोस्टल कोड के आखिरी तीन अंक हैं.  इस वर्किंग-क्लास इलाके में बड़े होते हुए, यमाल ने कंक्रीट की पिचों और तंग गलियों में फुटबॉल खेलना सीखा. यहीं से उनमें वह शानदार और अनप्रेडिक्टेबल हुनर ​​आया, जो आज उनके खेल की पहचान है. रोकाफोंडा और पूरे यूरोप के ऐसे ही वर्किंग-क्लास समुदायों के युवाओं के लिए, वे इस बात का जीता-जागता सबूत हैं कि महानता कहीं से भी उभर सकती है.

सिर्फ 4 साल की उम्र में बार्सिलोना की नजर उन पर पड़ी

सिर्फ 4 साल की उम्र में ही लैमिन बार्सिलोना की नजर में आ गए थे, 6 साल की उम्र तक वे 'ला मासिया' में ट्रेनिंग कर रहे थे और 2014 में उन्होंने अकादमी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किया. यमाल ने बार्सिलोना की ला मासिया अकादमी में बहुत तेजी से तरक्की की और सिर्फ 15 साल की उम्र में पहली टीम के लिए अपना प्रोफ़ेशनल डेब्यू किया. उन्हें इंटरनेशनल लेवल पर पहचान यूरो 2024 में मिली, जहां वे टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी और सबसे कम उम्र में गोल करने वाले खिलाड़ी बने और स्पेन ने ख़िताब जीता. हाल ही में, बार्सिलोना के अपने साथी खिलाड़ी पाउ कुबारसी के साथ ऑस्ट्रिया के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने एक और इतिहास रचा. वे ऐसी पहली टीनएज जोड़ी बने जिन्होंने वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच में एक साथ शुरुआत की, इससे पहले 1958 में ब्राजील के लिए पेले और होजे अल्टाफिनी ने ऐसा किया था.

ग्लोबल सुपरस्टारडम

फुटबॉल की दुनिया में यमाल का तेजी से आगे बढ़ना उन्हें व्यक्तिगत शोहरत दिला चुका है. वह जल्द ही एडिडास और मैकडॉनल्ड्स जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के बड़े मार्केटिंग कैंपेन का मुख्य चेहरा बन गए. उनकी डिजिटल मौजूदगी भी उतनी ही जबरदस्त है; इंस्टाग्राम पर 45 मिलियन से ज़्यादा फॉलोअर्स के साथ, उनकी ऑडियंस शोहेई ओटानी, पैट्रिक महोम्स और रोजर फेडरर की कुल ऑडियंस से भी बड़ी है. इस जबरदस्त स्टार पावर की झलक पिछले महीने अटलांटा में देखने को मिली, जहां शहर के बीचों-बीच बने 42 मंजिला होटल की दीवार पर यमाल का एक विशाल विज्ञापन लगाया गया था. 18 साल के इस शानदार खिलाड़ी ने साबित कर दिया कि वह इतनी चर्चा के लायक हैं, उन्होंने सऊदी अरब के ख़िलाफ शानदार जीत में वर्ल्ड कप का स्पेन का पहला गोल किया. कुछ दिन पहले, जॉर्जिया के फोर्ट ओगलथोरपे में वॉलमार्ट में शॉपिंग करते हुए यमाल के वीडियो क्लिप्स को सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा गया.

भले ही यमाल इस वर्ल्ड  कप में अबतक केवल एक ही गोल कर पाएं हैं लेकिन उनके परफॉर्मेंस ने साबित किया है कि क्यों उन्हें मेसी का सबसे बड़ा उत्तराधिकारी माना जा रहा है. फीफा वर्ल्ड कप में फ्रांस के खिलाफ मैच में यमाल स्पेन के सबसे अहम खिलाड़ी हैं. इस मैच में सबकी नजर यमाल पर रहेगी. 

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