साउथ कोरिया के फीफा वर्ल्ड कप 2026 से ग्रुप स्टेज में ही बाहर होने के बाद टीम के हेड कोच होंग म्युंगबो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. साउथ कोरिया को उम्मीद थी कि वो टूर्नामेंट के अगले राउंड के लिए तीसरे स्थान पर रहकर राउंड ऑफ 32 के लिए क्वालीफाई कर सकती हैं. कोरियाई टीम ग्रुप में तो तीसरे स्थान पर रही, लेकिन सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली 8 टीमों में भी जगह नहीं बना सकी और टूर्नामेंट से बाहर हो गई.
साउथ कोरिया ने टूर्नामेंट की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी. टीम ने अपने पहले मुकाबले में चेकिया को 2-1 से हराया था. हालांकि, इसके बाद टीम को मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार 1-0 से हार का सामना करना पड़ा. इन 2 हार के साथ ही टीम की राह बेहद मुश्किल हो गई.
कोच होंग म्युंगबो बोले- हार की जिम्मेदारी मेरी
टीम के ग्रुप स्टेज से बाहर होने की देश में बहुत आलोचना हुई है और राष्ट्रपति ली जे-म्यांग ने टीम के खराब प्रदर्शन के कारणों की जांच की मांग की. साउथ कोरिया की फीफा की पुरुषों की रैंकिंग में 32वीं रैंकिंग हैं. टीम की अगुवाई स्टार खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन कर रहे थे. लेकिन टीम को ग्रुप स्टेज में 60वीं रैंकिंग की टीम साउथ अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा.
57 वर्षीय होंग म्युंगबो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह टीम की असफलता की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं. उन्होंने देश के फुटबॉल प्रशंसकों से माफी मांगते हुए कहा कि वह नेशनल टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ रहे हैं. होंग ने कहा,"मैं उन सभी कोरियाई लोगों से दिल से माफी मांगता हूं, जिन्होंने हमारी नेशनल टीम का हमेशा समर्थन किया. मैंने यह जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश की, लेकिन मैं वह नतीजा नहीं दे सका जिसकी लोगों को उम्मीद थी. इसी वजह से मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं."
Myung-Bo Hong🇰🇷 🎙️
— JK (@JackBrown591897) June 28, 2026
"Je tiens à présenter mes sincères excuses à tous les citoyens qui ont soutenu l'équipe nationale. Aujourd'hui, j'ai décidé de démissionner de mon poste de sélectionneur de l'équipe nationale de football de la République de Corée." pic.twitter.com/9JPsENW3rh
उन्होंने कहा कि हेड कोच के रूप में अंतिम नतीजा ही सबसे अहम होता है और वह इसमें सफल नहीं रहे. उन्होंने अपने कोचिंग स्टाफ और सहयोगियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने पूरे समर्पण के साथ उनके साथ काम किया.
राष्ट्रपति ने दिए जांच के संकेत
बीबीसे के अनुसार, होंग म्युंगबो ने इस्तीफा राष्ट्रपति ली के यह कहने के बाद दिया था कि उन्हें "अचानक आए नतीजे से न सिर्फ़ कन्फ्यूजन है, बल्कि बहुत हैरानी भी है" सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, ली ने कहा कि टीम का जल्दी निकलना "ऑर्गनाइज़ेशन और लोगों की नाकामी लगती है". उन्होंने कहा, "जब कमांडर चुनने में काबिलियत से ज़्यादा तरफ़दारी और भाईचारा हावी हो जाता है, तो नतीजा उतना ही पहले से पता होता है जितना आग से कागज़ जलना."
कोच बनने पर हुआ था बवाल
होंग म्युंगबो ने 2024 में दूसरी बार साउथ कोरिया की नेशनल टीम की कमान संभाली थी. उनके कार्यकाल में टीम ने 26 मैच खेले, जिनमें से टीम को 15 में जीत मिली, जबकि 6 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, 5 मैच ड्रॉ रहे. इससे पहले वह 2013 और 2014 में भी नेशनल टीम के हेड कोच रह चुके थे. हालांकि, उनकी दूसरी बार नियुक्ति विवादों में रही थी. कई फुटबॉल फैंस ने फुटबॉल एसोसिएशन के पुराने गार्ड के रूप में अपने दोस्त को टॉप पद देने की नियुक्ति की आलोचना की थी.
कोच बनने से पहले होंग साउथ कोरिया के दिग्गज खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं. उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर में देश के लिए 136 मैच खेले थे. 2002 में वह कोरियाई टीम के वर्ल्ड कप कैंपेन के हीरो रहे थे. उस संस्करण में टीम सेमीफाइनल तक पहुंचने में सफल हुई थी. 2009 में उन्होंने कोचिंग करियर की शुरुआत की और बाद में नेशनल टीम की जिम्मेदारी संभाली.
अपने विदाई संदेश में होंग ने कहा कि वह भले ही कोच का पद छोड़ रहे हों, लेकिन कोरियाई फुटबॉल के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं होगा. उन्होंने भरोसा जताया कि टीम भविष्य में मजबूत वापसी करेगी और वह एक समर्थक के रूप में हमेशा नेशनल टीम के साथ खड़े रहेंगे.
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