Dum Biryani Origin: बिरयानी का नाम सुनते ही उसकी खुशबू और स्वाद लोगों के मन में उतर जाता है. भारत में बिरयानी सिर्फ एक मशहूर डिश नहीं बल्कि खाने की संस्कृति का अहम हिस्सा बन चुकी है. देश के अलग-अलग शहरों में इसकी कई किस्में मिलती हैं, लेकिन लखनवी दम बिरयानी की पहचान सबसे खास मानी जाती है. हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मशहूर व्यंजन की शुरुआत किसी शाही दावत से नहीं हुई थी. इसका जन्म लगभग ढाई सौ साल पहले उस समय हुआ था जब लोगों के सामने पेट भरने का संकट खड़ा हो गया था.
1784 के अकाल से जुड़ा है इतिहास
इतिहासकारों के अनुसार साल 1784 में अवध क्षेत्र में भीषण अकाल पड़ा था. उस समय लखनऊ में नवाब आसफ-उद-दौला का शासन था. अकाल के कारण बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए थे और कई परिवारों के सामने खाने की समस्या पैदा हो गई थी. ऐसे हालात में नवाब ने लोगों को काम देने के लिए बड़े निर्माण कार्य शुरू करवाए. इन्हीं में से एक था लखनऊ का मशहूर बड़ा इमामबाड़ा. इस निर्माण कार्य में हजारों मजदूर दिनभर मेहनत करते थे. इसलिए उनके लिए ऐसा भोजन तैयार करना जरूरी था जो भरपेट भी हो और शरीर को ऊर्जा भी दे सके.
मजदूरों के लिए बना खास भोजन
मजदूरों को जल्दी और पौष्टिक भोजन देने के लिए रसोइयों ने एक नया तरीका अपनाया. बड़े बर्तनों में चावल, मांस, मसाले और घी को एक साथ रखा जाता था. इसके बाद बर्तन को ढक्कन से बंद कर आटे से अच्छी तरह सील कर दिया जाता था. फिर इसे धीमी आंच पर पकाया जाता था. इस तरीके को दम में पकाना कहा जाता है. बंद बर्तन के अंदर भाप बनती थी और उसी भाप में चावल और मसाले धीरे-धीरे पकते थे. इससे खाने में एक अलग ही खुशबू और स्वाद आ जाता था.
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मजदूरों के भोजन से बनी शाही डिश
समय के साथ यह पकाने का तरीका इतना लोकप्रिय हो गया कि वही भोजन नवाबी रसोई तक पहुंच गया. बाद में इसमें बेहतर मसाले और पकाने की तकनीक जोड़ी गई. धीरे-धीरे लखनवी दम बिरयानी की पहचान दूर-दूर तक फैलने लगी.
आज लखनवी दम बिरयानी को दुनिया भर में पसंद किया जाता है. इसके खुशबूदार चावल, मसाले और खास पकाने की विधि इसे अलग बनाते है. दिलचस्प बात यह है कि जो व्यंजन कभी मजदूरों का साधारण भोजन था, वही आज भारत की सबसे फेमस डिशों में शामिल हो चुका है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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