Hanuman Jayanti 2026 Bhog: इस साल 2 अप्रैल यानी कल हनुमान जयंती मनाई जाएगी. इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, मंत्र-जप करते हैं, कुछ हनुमान मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, तो कई घर पर ही भगवान को भोग लगा देते हैं. ज्यादातर महिलाएं पूजा के लिए भोग को घर पर ही तैयार करती हैं. एक तो अपने हाथ से बना भोग लगान खुद में ही सुखद है, दूसरा यह स्वच्छ और साफ भी होता है. ऐसे में अगर आप भी यह सोच रहें हैं कि इस बार बजरंग बाली को अपने हाथों से तैयार किए गए पकवानों का ही भोग लगाएं, तो यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि शिव शंकर के अवतार हनुमान को खाने में यानी की भोग में क्या-क्या पसंद है और इस हनुमान जयंती पर आप उन्हें भोग में क्या चढ़ा सकते हैं.

Photo Credit: Ajay Kumar Patel
हनुमान जी का प्रिय प्रसाद कौन सा है?
गुड़ और चने का भोग: गुड़-चना का भोग हनुमान जी का बेहद सरल, लेकिन अत्यंत प्रभावशाली प्रसाद माना गया है. ऐसा माना जाता है हनुमान जी को गुड़ और चना अर्पित करने से ग्रहों की बाधाएं और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं.

- इसे बनाने के लिए एक कढ़ाई में थोड़ा पानी गर्म करें, फिर गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर इसमें मिला दें.
- आंच को धीमी रखें और गुड़ के घुलने तक लगातार चलाते रहें.
- जब आपको गाढ़ा, चाशनी जैसा मिश्रण मिल जाए, तो उसमें भुने हुए चने डालें और सब कुछ एक साथ मिला लें.
- मिश्रण को एक कटोरे में निकाल लें और थोड़ा ठंडा होने दें.
- अब मिश्रण से छोटे-छोटे लड्डू बना लें और उन्हें पूरी तरह से ठंडा होने दें.
जलेबी या इमरती का भोग: जलेबी या इमरती का भोग ज्यादातर उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों, खासकर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और मध्य प्रदेश में अर्पित किया जाता है.

- इसे बनाने के लिए सबसे पहले मैदे और दही को एक साथ मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार कर लें और करीब छह से सात घंटे के लिए इसमें खमीर उठने को रख दें.
- अब पानी, चीनी और केसर को मिलाकर हल्की आंच पर चाश्नी बनाएं. जब चाश्नी तार छोड़ने लगे, तो इसे आंच से उतार कर हल्का ठंडा कर लें.
- अब एक पैन में तेल या घी डालकर गर्म कर लें.
- बैग में तैयार किया बैटर डालें और जलेबी बनाएं.
- जब जलेबी दोनों तरफ से हल्के भूरे रंग की हो जाएं, तो इन्हें निकाल लें और चाश्नी में डालें.
बूंदी का भोग: हनुमान जयंती को बूंदी का प्रसाद भी बेहद प्रिय है.

- इसे बनाने के एक बड़े बर्तन में बेसन को छान लें.
- अब थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर एक घोल तैयार कर लें.
- अब एक कढ़ाही में तेल गर्म करें और छेद वाली छलनी की मदद से बेसन का घोल डालकर बूंदी छानें, जब वह हल्की सुनहरी हो जाए, उसे चाश्नी में डाल दें.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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