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This Article is From Jul 11, 2019

क्यों मॉनसून में शरीर को चाहिए 'गुड बैक्टीरिया' ? इन 5 फूड से पाचन रहेगा बेहतर

मॉनसून जहां गर्मी से लोगों को राहत दे रहा है वहीं ये स्वास्थ्य के नज़रिए से हमारे स्वास्थ्य पर ख़राब प्रभाव भी डाल सकता है.

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क्यों मॉनसून में शरीर को चाहिए 'गुड बैक्टीरिया' ? इन 5 फूड से पाचन रहेगा बेहतर
मॉनसून में शरीर के लिए फायदेमंद हैं ये फूड

मॉनसून जहां गर्मी से लोगों को राहत दे रहा है वहीं ये स्वास्थ्य के नज़रिए से हमारे स्वास्थ्य पर ख़राब प्रभाव भी डाल सकता है. इस मौसम में कुछ चीज़ें खु़द ब ख़ुद हमारी आदतों में शुमार हो जाती हैं. ये वो चीज़ें हैं जो स्वास्थ्य के नज़रिए से हमारे लिए ठीक नहीं हैं. मॉनसून में हम चाय और पकौड़े के आदी बन जाते हैं, इसके साथ ही तीखी कचौरी भी हमारी डाइट का इन दिनों हिस्सा बन जाती है. हालांकि कभी-कभी इन फूड्स का सेवन हमारे लिए हानिकारक नहीं होता, लेकिन अगर ये जीभ के लिए अच्छी लगने वाली चीज़ें हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन जाती हैं तो इनका स्वास्थय पर बुरा प्रभाव पड़ता है. ऐसे में मॉनसून के मौसम में हमें अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत होती है. क्योंकि इस मौसम में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ जाती है, जिससे शरीर के बैक्टीरिया के चपेट में आने की संभावना बढ़ जाती है. मॉनसून के मौसम में पर्यावरण में मौजूद नमी की वज़ह से बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीव आसानी से पनपते हैं, इन बैक्टीरिया की वज़ह से हमारी पाचन शक्ति पर भी असर पड़ने लगता है.

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ख़राब वैक्टीरिया से मुकाबला करने के लिए ज़रूरी है कि शरीर में अच्छे वैक्टीरिया शरीर की मात्रा को बढ़ाया जाए. ये कोई चौंकने वाली बात नहीं है, क्योंकि बैक्टीरिया हमेशा ख़राब नहीं होते. गट फ्लोरा, माइक्रोबायोटा और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल माइक्रोबायोटा वो सूक्ष्म जीव हैं जो हमारे पाचन तंत्र में होते हैं. मानसून में शरीर की अतिरिक्त देखभाल आपको स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक फूड इस अतिरिक्त देखभाल में आपकी मदद कर सकते हैं. प्रोबायोटिक्ट आपके पाचन तंत्र में मौजूद सूक्ष्म जीवों के पोषण के लिए ज़रूरी होते हैं. प्रीबायोटिक गैर पाचक कार्बोहाइड्रेट होते हैं जो हमारे पाचन तंत्र की अतिरिक्त देखभाल करते हैं. ये उन फूड्स में पाए जाते हैं जिसमें फाइबर की मात्रा ज़्यादा होती है.

क्यों मॉनसून में ज़रूरी है प्रोबायोटिक्स का सेवन

मैक्रोबायोटिक पोषण विशेषज्ञ शिल्पा अरोड़ा के मुताबिक, प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक फूड पूरे साल अपनी डाइट में शामिल किया जाना चाहिए. वैज्ञानिक शोधों का सुझाव है कि आंतों में रहने वाले सूक्ष्मजीव हमारे स्वास्थ्य को काफी प्रभावित करते हैं. मॉनसून की वज़ह से संक्रमण और एलर्जी का ख़तरा पैदा हो जाता है. ऐसे में प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक फूड का सेवन एक प्राकृतिक बचाव की तरह काम करता है. जिससे आपकी आंतों में संक्रमण का ख़तरा कम हो जाता है.

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सेहतमंद रहने के लिए यह जानना जरूरी है कि मानसून या बरसात के मौसम में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं.
 

मानसून या बरसात के मौसम में क्या खाना चाहिए?

मॉनसून के मौसम में ज़्यादा से ज़्यादा दही का इस्तेमाल करना चाहिए. फरमेंटेड सब्जियों का सेवन भी इन दिनों में लाभकारी होता है. आप नाश्ते में इडली का सेवन कर सकते हैं जो कि आपके पाचनतंत्र के लिए बेहतर होता है. इसके साथ ही ज्यादा मात्रा में फाइबर और सब्जियों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए. केला और मौसमी फल, लहसुन, प्याज भी पाचन के लिए बेहतर होता है. शिल्पा कहती हैं कि प्रोसेस्ड फूड और शुगर के साथ ही उन खाद्य पदार्थों के सेवन से भी बचना चाहिए जिसमें कार्बोहाईड्रेट की मात्रा खूब होती है.

1. साबुत अनाज: साबुत अनाज में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व, प्रोटीन, फायबर, विटामिन बी, एंटीऑक्सीडेंट्स समेत कई मिनरल्स (आयरन, जिंक, कॉपर, मैग्नीशियम) होते हैं. ऐसे में इनका सेवन इस मौसम में खूब किया जाना चाहिए.

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2. केला: केला कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट (बेहतर कार्बोहाइड्रेट) और फायबर से भरपूर होता है. ये जहां एक ओर हमारे पाचन तंत्र के लिए तो अच्छा होता ही है साथ ही ये वज़न को कम करने में भी मदद करने वाला खाद्य पदार्थ है. 


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इस मॉनसून में इन प्रोबायोटिक फूड को अपनी डाइट में करें शामिल

1. योगर्ट: योगर्ट यानि दही प्राकृतिक प्रोबायोटिक फूड है, इस मौसम में आपको रोज़ाना ही एक कटोरी दही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. दही के सेवन से आपका पाचन अच्छा रहता है. इसका सेवन एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फलों के साथ या ऐसे ही किया जा सकता है.
 

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2. केफिर: दही के बाद केफिर प्रोबायोटिक गुणों वाला फूड है. जो लोग दूध के सेवन से बचते हैं उन्हें दूध से बने इस खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. 
 

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3. इडली: दक्षिण भारतीय फूड प्रोबायोटिक के अच्छे स्रोत होते हैं. इनमें इडली, डोसा और खमीर युक्त खाद्य पदार्थ आपके स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होते हैं.
 

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फरमेन्टेशन की प्रक्रिया से इसके पोषक तत्वों की मात्रा और बढ़ जाती है. ऐसे में इन फूड को अपनी डाइट में शामिल करना स्वास्थ्य के लिहाज़ से बेहतर होता है.

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