सिडनी:
अकसर लोगों और डॉक्टर्स को कहते सुना है कि हेल्दी और हाइड्रेटिड रहने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं यह आपके लिए भारी पड़ सकता है। जी हां, हाल ही में हुई एक रिसर्च के बात शोधकर्ताओं ने बताया कि ज्यादा पानी पीने से 'वाटर इनटॉक्सिकेशन' का खतरा हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्थित मोनाश यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि ज्यादा पानी पीने से मानव शरीर में तरल पदार्थों का नियंत्रण करने वाली प्रणाली काम करना बंद कर सकती है।
निष्कर्ष के मुताबिक, शरीर में जल की अधिकता से वाटर इनटॉक्सिकेशन या हाइपोनेट्रेमिया हो सकता है। इस स्थिति में रक्त में सोडियम की मात्रा कम हो सकती है। ऐसे हालात में व्यक्ति अत्यधिक थकावट, मिचली से लेकर बेहोशी के साथ, कोमा का शिकार हो सकता है।
अध्ययन में खुलासा हुआ कि ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों के सेवन से दिमाग 'स्वालोइंग इनहिबिशन' को सक्रिय करता है।
मोनाश यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर माइकल फेरेल ने कहा, "अगर हम शरीर को उसकी मांग के मुताबिक ही चीजें उपलब्ध कराएं, तो सब ठीक है। इसलिए प्यास से अधिक पानी न पीएं।"
यह अध्ययन 'प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंस' में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
निष्कर्ष के मुताबिक, शरीर में जल की अधिकता से वाटर इनटॉक्सिकेशन या हाइपोनेट्रेमिया हो सकता है। इस स्थिति में रक्त में सोडियम की मात्रा कम हो सकती है। ऐसे हालात में व्यक्ति अत्यधिक थकावट, मिचली से लेकर बेहोशी के साथ, कोमा का शिकार हो सकता है।
अध्ययन में खुलासा हुआ कि ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों के सेवन से दिमाग 'स्वालोइंग इनहिबिशन' को सक्रिय करता है।
मोनाश यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर माइकल फेरेल ने कहा, "अगर हम शरीर को उसकी मांग के मुताबिक ही चीजें उपलब्ध कराएं, तो सब ठीक है। इसलिए प्यास से अधिक पानी न पीएं।"
यह अध्ययन 'प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल अकादमी ऑफ साइंस' में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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